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मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं संघ की मर्यादा, नैतिकता, राजधर्म पर चिंतन हेतु संघ प्रमुख मोहन भागवत जी से मार्गदर्शन की अपेक्षा

---------- Forwarded message --------- From: Gopal Prasad Date: Fri, Sep 26, 2025, 11:10 PM Subject: मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं संघ की मर्यादा, नैतिकता, राजधर्म पर चिंतन हेतु मार्गदर्शन की अपेक्षा To: Cc: दिनांक: 26 सितंबर 2025 सेवा में, श्री मोहन भागवत जी सर्वश्रेष्ठ संघ चालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोलवलकर मार्ग, नागपुर, महाराष्ट्र विषय: मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं संघ की मर्यादा, नैतिकता, राजधर्म पर चिंतन हेतु मार्गदर्शन की अपेक्षा। आदरणीय श्री मोहन भागवत जी, सादर प्रणाम। आपकी अद्वितीय नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति आपकी निष्कलंक निष्ठा के लिए मैं सदा आभारी हूं। आप हमेशा समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए अपने विचार और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे हैं, यह हम सबके लिए एक प्रेरणा का स्रोत रहा है। आज मैं आपके समक्ष एक अत्यंत गंभीर विषय रख रहा हूं, जो वर्तमान में हमारे देश की राजनीति और शासन प्रणाली के भविष्य को लेकर उत्पन्न चिंताओं से जुड़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्ट...

बिहार में 1050 एकड़ भूमि मात्र ₹1 पर अडानी समूह को लीज पर देने की प्रक्रिया में मोदी सरकार द्वारा की गई जनहित की घोर उपेक्षा

______प्रेस विज्ञप्ति______ बिहार में 1050 एकड़ भूमि मात्र ₹1 पर अडानी समूह को लीज पर देने की प्रक्रिया में मोदी सरकार द्वारा की गई जनहित की घोर उपेक्षा भारत गठबंधन के राष्ट्रीय सह-संयोजक एवं आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद खटीक ने कहा “देश जानना चाहता है कि मोदी सरकार जनहित के बजाय अडानीहित को क्यों प्राथमिकता दे रही है? प्रधानमंत्री पद की शपथ में संविधान और राजधर्म का पालन करने का वचन दिया गया था, किंतु मोदीजी ने शपथ की गरिमा का घोर उल्लंघन किया है। उनका चाल, चरित्र और चेहरा अब पूरी तरह उजागर हो चुका है।” गोपाल प्रसाद खटीक ने महामहिम राष्ट्रपति और माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अपील की है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी गंभीर आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित के लिए नहीं, बल्कि उद्योगपति गौतम अडानी के हित साधने के लिए प्रधानमंत्री बने हैं। बिहार सरकार ने अडानी समूह को 1050 एकड़ भूमि मात्र ₹1 पर 33 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराई ...

एससी/एसटी बजट की पारदर्शिता और लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु वाराणसी में दो दिवसीय राष्ट्रीय रणनीति बैठक को संबोधित करेंगे दिल्ली के आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद

एससी/एसटी बजट की पारदर्शिता और लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु वाराणसी में दो दिवसीय राष्ट्रीय रणनीति बैठक को संबोधित करेंगे दिल्ली के आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद दलित और आदिवासी समुदायों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए नेशनल अलायंस फॉर सोशल जस्टिस (NASJ) की अगुवाई में दो दिवसीय राष्ट्रीय रणनीति बैठक 28-29 सितंबर 2025 को अंबेडकर शिक्षा समिति, सारनाथ, वाराणसी में आयोजित की जा रही है। बैठक में देश भर से सामाजिक न्याय के लिए काम करनेवाले साथी और 18 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। एससी/एसटी बजट की पारदर्शिता और लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु वाराणसी में दो दिवसीय राष्ट्रीय रणनीति बैठक के आयोजक मंडल के सदस्य अनूप श्रमिक के आमंत्रण पर दिल्ली के आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद भी संबोधित करेंगे। बैठक के प्रमुख अजेंडे में अगले एक साल का कार्ययोजना निर्धारण, बजट के लूट के सवाल को आम जनता तक पहुंचाना, बजट के हिस्सेदारी में लाभ सुनिश्चित करना, राष्ट्रीय कोर कमेटी की भूमिका और जिम्मेदारी तय करना, आर्थिक संसाधन जुटाना और राज्य स्तरीय कमेटियों का चयन एवं अन्य गतिविधियो...

हिंद क्रांति यात्रा* - *न्यायिक व्यवस्था में बदलाव के लिए*

*हिंद क्रांति यात्रा* - *न्यायिक व्यवस्था में बदलाव के लिए* *माननीय सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका फाइल करने के पूर्व न्याय व्यवस्था में सुधार चाहने वालों के सुझाव, सहयोग एवं आलोचना आमंत्रित।* *संविधान के अनुच्छेद 50, 141, 144,145 एवं अन्य अनुच्छेद* *अब नहीं सहेंगे सर्वोच्च न्यायालय का अपमान* *हजारों साल की तपस्या के बाद हजारों योनियों में भटकने के बाद मनुष्य मृत्यु लोक में जन्म लेता है। वह मृत्यु लोक में सुख शांति एवं ईच्छा लेकर जीवन जीता है और मनुष्य के जन्म एवं मरण की समय सीमा है पर न्यायालय में विवादों के निराकरण की कोई समय सीमा नहीं है। मनुष्य रिले रेस की तरह अपने वंशजों को आगे बढ़ाता है। कोई भी राष्ट्र दो तरह के लोगों से बनता है। एक अपनी सुविधा, सुरक्षा एवं आवश्यकता के लिए पे करता है (धन खर्च करता है)। दूसरा जो अपने जीवन यापन के लिए अपने श्रम का पारिश्रमिक प्राप्त करता है। अंग्रेजों द्वारा बनाई गई पूरी व्यवस्था बिना जवाबदेही के चलाई जाती थी , जो आज भी चल रही है।* *निर्णय के बजाय न्याय के सिद्धांत पर न्यायालयों के संचालन के लिए सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका अंग्रेज...

*न्यायिक सुधार (ज्यूडिशियल रिफॉर्म) से जुड़े ज्वलंत मुद्दे पर स्वतंत्र पत्रकार एवं आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद द्वारा "अखिल भारतीय हिंद क्रांति पार्टी" के राष्ट्रीय अध्यक्ष "श्री कमलेश त्रिपाठी" जी से लिए गए साक्षात्कार के मुख्य अंश*

*न्यायिक सुधार (ज्यूडिशियल रिफॉर्म) से जुड़े ज्वलंत मुद्दे पर स्वतंत्र पत्रकार एवं आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद द्वारा "अखिल भारतीय हिंद क्रांति पार्टी" के राष्ट्रीय अध्यक्ष "श्री कमलेश त्रिपाठी" जी से लिए गए साक्षात्कार के मुख्य अंश* *लक्ष्य : निर्णय के बजाय न्याय के सिद्धांत पर न्यायपालिका का संचालन* *हमारा प्रश्न : न्याय की कभी अपील नहीं होती। जिसकी अपील हो, वह अन्याय है और अन्याय करनेवाला व्यक्ति अपने नाम के सामने न्यायमूर्ति या न्यायाधीश कैसे लिख सकता है?* *दोहरा मापदण्ड : एक तरफ सुप्रीम कोर्ट कहता है कि विधि की अज्ञानता क्षम्य नहीं। प्रश्न उठता है कि क्या न्यायाधीश वकील और जांच एजेंसियों को विधि की अज्ञानता से मुक्त रखा गया है?* वर्तमान स्थिति : न्यायिक प्रक्रिया की पूरी संरचना निर्णय,अपील, कोर्ट फीस, नो पर्सनल लाइबिलिटी के आधार पर चल रही है।* *हमारा मिशन : यदि इसे न्याय के सिद्धांत पर चलाएं तो 50% मुकदमे स्वत खत्म हो जाएंगे।* *कोर्ट फीस : सन 1870 से न्याय का व्यापार जो आज भी चल रहा है, यदि उसे समाप्त कर दिया जाए, तो विवादों का निराकरण शीघ्र होने लगेगा।...

अन्य लोकसभा क्षेत्र एवं 77 वाराणसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन प्रणाली के नियमों में असमानता, मनमानीपूर्ण नियम अपनाए जाने के कारण निर्वाचन अधिकारी एवं चुनाव प्रेक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने के संबंध में की गई मांग

---------- Forwarded message --------- From: Gopal RTI Date: Tue, May 14, 2024, 9:28 PM Subject: अन्य लोकसभा क्षेत्र एवं 77 वाराणसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन प्रणाली के नियमों में असमानता, मनमानीपूर्ण नियम अपनाए जाने के कारण निर्वाचन अधिकारी एवं चुनाव प्रेक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने के संबंध में। To: दिनांक : 14.05.2024 सेवा में, श्रीमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त महोदय, भारत निर्वाचन आयोग, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001 विषय: अन्य लोकसभा क्षेत्र एवं 77 वाराणसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन प्रणाली के नियमों में असमानता, मनमानीपूर्ण नियम अपनाए जाने के कारण निर्वाचन अधिकारी एवं चुनाव प्रेक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन यह है कि समान नागरिक अधिकार के मूल कर्तव्य एवं मताधिकार तथा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के विपरीत उम्मीदवार की अहर्ताएं योग्यताएं, चालान फार्म लेने के लिए भी दस प्रस्तावकों को लाने की अनिवार्यता और ...

RSS’s stance is often symbolic—aimed at maintaining a balanced public image, while retaining influence over the BJP behind the scenes: Gopal Prasad

RSS’s stance is often symbolic—aimed at maintaining a balanced public image, while retaining influence over the BJP behind the scenes: Gopal Prasad 1. The Core Basis of RSS Ideology Establishment (1925, Dr. Keshav Baliram Hedgewar): The foundational ideology of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) rests on Hindu nationalism. Key Ideas: India is a Hindu nation (culturally, not legally). Concept of one culture, one nation. Emphasis on discipline, patriotism, and social organization. Golwalkar Era (1930–1973): In “We or Our Nationhood Defined” (1939), Muslims and Christians were described as “foreign elements.” This invited allegations of communalism against the RSS. --- 2. Reasons for Change in RSS Ideology The RSS has altered its words and priorities according to time and political needs: From opposition to the Constitution → Acceptance of the Constitution: Initially objected to the Constitution and the tricolor, later accepted them. From cultural nationalism → inclusive...

RSS की विचारधारा में बदलाव का मुख्य कारण: सामाजिक स्वीकार्यता, राजनीतिक ज़रूरत (भाजपा की सफलता), और जनता के बीच व्यापक पहुंच बनाना: गोपाल प्रसाद

1. RSS की विचारधारा का मूल आधार स्थापना (1925, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की मूल विचारधारा हिंदू राष्ट्रवाद पर टिकी है। मुख्य विचार: भारत एक हिंदू राष्ट्र है (सांस्कृतिक दृष्टि से, कानूनी नहीं)। एक संस्कृति, एक राष्ट्र की अवधारणा। अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, और सामाजिक संगठन पर जोर। गोलवलकर काल (1930–1973): “We or Our Nationhood Defined” (1939) में मुस्लिम व ईसाई समुदायों को “विदेशी तत्व” की तरह बताया। इसके कारण RSS पर सांप्रदायिकता के आरोप लगे। 2. RSS की विचारधारा में बदलाव का कारण RSS ने समय और राजनीतिक जरूरतों के अनुसार अपने शब्दों और प्राथमिकताओं को बदला है: संविधान विरोध → संविधान स्वीकृति: शुरुआती दौर में संविधान और तिरंगे पर आपत्ति थी, बाद में स्वीकार किया। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद → समावेशी राष्ट्रवाद: मोहन भागवत और उनके पूर्ववर्ती सुदर्शन जी ने “भारत सभी का है” जैसी बातें कही, ताकि संगठन को लोकतांत्रिक छवि मिले। आरक्षण मुद्दा: पहले आरक्षण पर शंका जताई, बाद में भागवत जी ने इसे “सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक” बताया। *महिला भागीदारी: लंबे समय...

"लोकतंत्र नहीं धनतंत्र" शीर्षक से पुस्तक लिख रहा हूं।

"लोकतंत्र नहीं धनतंत्र" शीर्षक से पुस्तक लिख रहा हूं। संभवतः नवंबर दिसंबर 2025 में पुस्तक विमोचन होगा। आप सभी के संपर्क,समन्वय, संवाद, सहयोग, सहकार अपेक्षित है। गोपाल प्रसाद (आरटीआई सेवक) दिल्ली/वाराणसी सामाजिक एवं राजनीतिक चिंतक, समालोचक मो:7678261884,9910341785 WhatsApp:8178949704 ईमेल: gopalrti7@gmail.com, sampoornkranti2025@gmail.com twitter(X) Account: @varanasilok2024 ब्लॉग: www.sampoorn-kranti.blogspot.com

*भारत गठबंधन"नवभारत निर्माण संकल्प पत्र (2025–2035)"*

*भारत गठबंधन"नवभारत निर्माण संकल्प पत्र (2025–2035)"* *एक न्यायसंगत, स्वावलंबी और शक्तिशाली भारत के लिए* हमारा भारत गठबंधन भारत की आत्मा को फिर से जागृत करने का संकल्प लेकर आया है — एक ऐसा भारत जहाँ जाति, मजहब, भाषा, क्षेत्र या वर्ग के नाम पर कोई भेदभाव न हो। एक ऐसा राष्ट्र जहाँ हर नागरिक को समान अवसर, न्याय और गरिमा मिले। यह लक्ष्यपत्र 20 सबसे जटिल और गहरी समस्याओं का समाधान देने के लिए हमारे अगले 10 वर्षों की व्यापक रणनीति प्रस्तुत करता है। --- ## **20 प्रमुख समस्याएं और उनके समाधान हेतु लक्ष्य (2025-2035):** ### 1. **जातिवाद और सामाजिक भेदभाव** * **लक्ष्य:** जाति के आधार पर किसी भी प्रकार की राजनीतिक, शैक्षणिक या सामाजिक भेदभाव की समाप्ति। * **रणनीति:** * *जाति आधारित आरक्षण की समीक्षा और आर्थिक स्थिति आधारित नीति का प्रस्ताव* * *सभी जातियों को एक समान सम्मान सुनिश्चित करने हेतु 'सामाजिक समरसता आयोग' की स्थापना* * *जाति आधारित घृणा अपराधों पर सख्त कानूनी कार्यवाही* ### 2. **ग्राम सभा और मोहल्ला सभा को स्वायत्तता** * **लक्ष्य:** हर ग्राम सभा और मोहल्ल...

आरएसएस के किसी भी राष्ट्रीय प्रवक्ता ने तो एक शब्द भी नहीं बोला पीएम या पीएमओ को मैच के विरोध में

आरएसएस के किसी भी राष्ट्रीय प्रवक्ता ने तो एक शब्द भी नहीं बोला पीएम या पीएमओ को मैच के विरोध में। आरएसएस कहती है कि हम सरकार नहीं चलाते और ना उसे कोई आदेश देते हैं, ठीक है एक बार के लिए मान भी लेते हैं लेकिन पीएम को सुझाव तो देते ही हैं, अपनी असहमति या ग़ुस्सा तो प्रकट कर ही सकते थे वो भी नहीं किया, क्या मजबूरी रही? BCCI की टीम और PCB की टीमों के बीच ये क्रिकेट मैच देश के समस्त अमर बलिदानी सैनिकों और उनके परिवारजनों के प्रति विश्वासघात था जबकि वही सैनिकों की z+ सिक्योरिटी मिली हुई है आपको। लेकिन कोई बात नहीं हमने पड़ोसी दुश्मन देश के पाकिस्तानी आतंकवादियों को मुसलिम बाहुल्य खाड़ी देश में क्रिकेट के मैदान पर हरा कर उन्हें धूल चटा दी और घुटनों पर ला दिया और मूँह तोड़ जवाब दिया। इससे नसों में उबाल मार रहे सिंदूर को थोड़ी शांति मिली वरना अगर ये मैच नहीं होता और BCCI की टीम PCB की टीम से हार जाती तो देश भर के क्रिकेट प्रेमीयों विशेषकर युवाओं की नसों का क्या हाल होता ये केवल अनुराग ठाकुर और राकेश सिन्हा ही बता सकते हैं। BCCI की टीम के वर्तमान और देश के आदर्श कप्तान सूर्य कुमार यादव ने क...

निवेदिता_निलयम_आश्रम_सेवाग्राम_वर्धा में हमने क्या देखा?

#निवेदिता_निलयम_आश्रम_सेवाग्राम_वर्धा में हमने क्या देखा? भारत गठबंधन के राष्ट्रीय संयोजक श्री बलदेव राज सूद एवं राष्ट्रीय सह संयोजक गोपाल प्रसाद (आरटीआई सेवक)16 से 20 जुलाई 2025 को आयोजित "भारत पुनर्निर्माण चिंतन शिविर" में भाग लेने सेवाग्राम (वर्धा) पहुंचे। शिविर में पहुंचने के बाद हम अपने अनुभव को आपके समक्ष साझा कर रहे हैं। वर्धा में बायपास रोड पर निवेदिता निलयम आश्रम में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। प्रतिभागियों में से कुछ को स्थानीय धर्मशाला, कुछ को जमनालाल बजाज फाउंडेशन भवन एवं कुछ को इसी आश्रम में रहने की व्यवस्था की गई थी। हमारे लिए शुरू में जमनालाल बजाज फाउंडेशन एवं बाद में इसी आश्रम में की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य सूत्रधार एवं परिकल्पना "सत्यप्रकाश_भारत" जी थे। कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक IAPC एवं जननीति के संस्थापक अभिषेक, भारत पुनर्निर्माण मिशन के प्रो. संजय शर्मा और आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद आदि ने मुख्य रूप से इस कार्यक्रम की रूपरेखा, संयोजन एवं पूर्व तैयारी की थी। इस संदर्भ में सभी से प्राप्त सुझावों को सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से कई पीडी...

उत्तराखंड के सहकारी समिति, एनजीओ, विद्यालय, गुरुकुल, गौशाला संचालकों को समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु जागरूक करेंगे सहकारिता क्षेत्र के प्रणेता डॉ. सुभाष नलांगे*

*उत्तराखंड के सहकारी समिति, एनजीओ, विद्यालय, गुरुकुल, गौशाला संचालकों को समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु जागरूक करेंगे सहकारिता क्षेत्र के प्रणेता डॉ. सुभाष नलांगे* *पर्वतीय महासभा उत्तराखंड के अध्यक्ष, लोकायुक्त उत्तराखंड के पूर्व अपर सचिव तथा योग, अग्निहोत्र विशेषज्ञ जीवन चंद्र उप्रेती जी के आमंत्रण पर उत्तराखंड आए डॉ. सुभाष नलांगे, केआईडी फाउंडेशन के अध्यक्ष सीए मनीष गर्ग तथा वाराणसी कॉपरेटिव संयोजक एवं आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद खटीक का मूल उद्देश्य सेवानिवृत भारत सरकार के सचिव डॉ कमल टावरीजी की प्रेरणा से कृषि, वानिकी, पर्यावरण,सहकारिता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के विषयों के प्रति समाज को जागरूक करने का था। इनकी टीम द्वारा संपर्क, समन्वय, संवाद, सहयोग और सहकार के मूलमंत्र से उत्तराखंड के नागरिकों को जागरूक करने के अभियान का सकारात्मक परिणाम रहा।* *यहाँ के लोग वक्ताओं को सुनकर अपने अधिकार के साथ साथ अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक हुए और समवेत स्वर में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत,शिक्षा एवं कृषि में गुणात्मक परिवर्तन हेतु अपनी भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प लिया और इस हेतु समन्वय...

आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर बड़े दलों के प्रति क्यों मौन है चुनाव आयोग: गोपाल प्रसाद प्रत्याशी दिल्ली जनता पार्टी पटपड़गंज विधानसभा*

*पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र से भारत गठबंधन समर्थित दिल्ली जनता पार्टी प्रत्याशी गोपाल प्रसाद खटीक ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर बड़े दलों के प्रति चुनाव आयोग आखिर मौन क्यों है? उन्होंने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संदर्भ में टिप्पणी करते हुए कहा कि गाड़ी नहीं लेंगे, बंगला नहीं लेंगे, लालबत्ती नहीं लेंगे, सुरक्षा नहीं लेंगे और सब कुछ लेनेवाले केजरीवाल भारतीय राजनीति के सबसे बड़े गिरगिट हैं। झूठ बोलकर जनता को बेवकूफ बनाकर मतहरण करनेवाले केजरीवाल को दिल्ली की जनता सबक सिखाएगी और सत्ता से बेदखल करेगी। इन्होंने तो अपने गुरु अन्ना हजारे को भी नहीं बख्शा। इसीलिए अन्ना जी ने स्वयं आगे आकर इनके विरुद्ध वीडियो जारी किया जो सोशल मीडिया में वायरल हुआ।* *आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव में गड़बड़ी करने की बीजेपी की हर साजिश से निपटने के लिए कमर कस ली है. केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से अपील की थी कि बीजेपी के ईवीएम के खेल को हरा...

भारतीय राजनीतिक दलों की चुनावी आय और व्यय की जानकारी प्राप्त करना लोकतंत्र की पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण

भारतीय राजनीतिक दलों की चुनावी आय और व्यय की जानकारी प्राप्त करना लोकतंत्र की पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग (ECI) के पास राजनीतिक दलों से संबंधित वित्तीय विवरण प्राप्त करने की सीमित शक्तियाँ हैं, विशेषकर जब बात अनाम दानदाताओं के योगदान की होती है। हालांकि, विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध आंकड़े इस विषय पर प्रकाश डालते हैं। 🗳️ प्रमुख राष्ट्रीय दलों का आय और व्यय (वित्तीय वर्ष 2023-24) 1. भारतीय जनता पार्टी (BJP) कुल आय: ₹4,340.47 करोड़ कुल व्यय: ₹2,211.69 करोड़ (आय का 50.96%) प्रमुख खर्च: चुनावी प्रचार और प्रचार सामग्री (₹1,754.07 करोड़), प्रशासनिक खर्च (₹349.72 करोड़) दानदाताओं से प्राप्त आय: ₹3,967.15 करोड़ (Electoral Bonds के माध्यम से) दानदाताओं की संख्या: 8,358 (₹20,000 से अधिक की दान राशि) 2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) कुल आय: ₹1,225.12 करोड़ कुल व्यय: ₹1,025.25 करोड़ (आय का 83.69%) प्रमुख खर्च: चुनावी खर्च (₹619.67 करोड़), प्रशासनिक और सामान्य खर्च (₹340.70 करोड़) दानदाताओं से प्राप्त आय: ₹1,129.67 करोड़ (Electoral Bonds के माध्यम से) दानदाताओं क...

मोदी है तो ही मुमकिन है !

मोदी है तो ही मुमकिन है ! “वाह मोदी जी वाह” के भक्तों की बल्ले बल्ले ।#Exporters_MSMEs, किसानों को और उनके साथ काम कर रहे मज़दूरों को एक भी राहत (CashRelief) नहीं दी गई है ।#Russia से सस्ता Crude Oil ख़रीद कर देशवासियों को कोई भी राहत ना देकर #Ambani को 54,000 Cr रू और मोदी सरकार ने भी 99,000 Cr रू का लाभ कमाया, अमेरिका को #Additional_25%_Tariffs लगाने का बहाना बना कर दे दिया और #यूक्रेन, #यूरोप और #America को भी सस्ता बेच कर देश के 4 Cr Exporters, MSMEs, 10 Cr किसानों और उनके साथ काम कर रहे लाखो कारीगरों, शिल्पकारों और मज़दूरों के रोज़गार ख़त्म करने का रास्ता खोल दिया हमारे #Visionary_Modi जी ने !! 2014 में Crude की क़ीमत 117 $ /Barrell से घट कर 65 $ और Russian Crude की क़ीमत और भी 4 / 5$ कम, फिर भी “सबका विकास वाले प्रधान सेवक मोदीजी” अपने “140 करोड़ परिवारजनों” से डीजल पेट्रोल रसोई गैस की क़ीमतें 45% बढ़ा कर प्रत्येक ग़रीब अमीर परिवार से 1500 रू से 15,000 रु महीना लूट रहे हैं May 2014 से आज तक, जबकि हम परिवारजन इस के बावज़ूद भी मोदीजी को सालाना #GST, #IncomeTax और Windfall_Tax में...

Interview Highlights: Gopal Prasad Khatik (RTI Activist, Thinker & National Co-Convenor, Bharat Alliance)

Interview Highlights: Gopal Prasad Khatik (RTI Activist, Thinker & National Co-Convenor, Bharat Alliance) Introduction Gopal Prasad Khatik, itinerant critic, independent journalist, reviewer, and RTI activist, is known for awakening national consciousness. Below are key excerpts from his interview. On Indian Society & Culture “Every age is an age of reform. The wise must guide the ignorant, nurture values, and integrate them into the mainstream of society. Parents and teachers bear the responsibility of shaping each new life. Conduct, not speeches, inspires generations.” He stresses that love is supreme: “The acceptance that Lord Ram received from Nishadraj, Kevat, Shabari, Vibhishan, Jambavan, and Sugriva was earned solely through love. Nothing is greater than love.” On Human Selfishness & Ego “Injustice, exploitation, corruption, unemployment, poverty, hunger, illiteracy, pollution, black money, obscenity, and cultural erosion threaten our society. A systemic cha...

EPIC (वोटर कार्ड) में त्रुटि सुधार की आवश्यकता

Form-8 तब भरना होता है जब आपको सुधार (Correction), फोटो अपडेट, पता परिवर्तन (शिफ्टिंग के कारण उसी निर्वाचन क्षेत्र के भीतर), या EPIC (वोटर कार्ड) में किसी भी त्रुटि सुधार की आवश्यकता हो। नीचे मैं आपको Form-8 का हिंदी और अंग्रेजी ड्राफ्ट दे रहा हूँ, जिसे आप ऑफलाइन (ERO/AERO/बीएलओ को जमा करके) या ऑनलाइन https://voterportal.eci.gov.in / NVSP पोर्टल पर जमा कर सकते हैं। --- 📌 Form-8 (सुधार/Correction हेतु आवेदन) – Draft (A) हिंदी प्रारूप प्रति, निर्वाचन रजिस्ट्रार अधिकारी (ERO) / सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रार अधिकारी (AERO) निर्वाचन क्षेत्र का नाम: ____________ जिला: ____________ राज्य: ____________ विषय: मतदाता सूची/EPIC कार्ड में संशोधन हेतु आवेदन (Form-8 के अंतर्गत) महोदय/महोदया, मैं, निम्न हस्ताक्षरी, आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता/चाहती हूँ कि मेरे मतदाता पहचान पत्र (EPIC) अथवा मतदाता सूची में दर्ज विवरण में त्रुटि है / सुधार आवश्यक है। अतः निवेदन है कि कृपया मेरे विवरण को निम्नानुसार सही करने की कृपा करें। मेरे विवरण इस प्रकार हैं: 1. नाम: ___________________________ ...

Concept of Swaraj and Nation-Building through Rural Development: Gopal Prasad

Concept of Swaraj and Nation-Building through Rural Development: Gopal Prasad The soul of India resides in its villages. Mahatma Gandhi once said – “The future of India lies in its villages.” This statement is not merely emotional but carries profound social, economic, and political significance. During the freedom struggle, Gandhi defined Swaraj not just as freedom from British rule, but as the idea of self-reliance and self-governance. Today, as India marches ahead on the path of rapid economic growth, this original concept of Swaraj can serve as a guiding principle for the reconstruction of India through rural development. --- 1. Concept of Swaraj The literal meaning of Swaraj is “self-rule.” According to Gandhi, it does not merely mean political independence, but also self-reliance of the individual, society, and the nation. Its main elements are: Political Autonomy: People should take decisions concerning their own lives. Economic Self-Reliance: Production and consumption sy...

आदर्श गांव(Ideal Village),मॉडल गांव (Model Village),स्मार्ट गांव(Smart Village) का तुलनात्मक अध्ययन

आदर्श गांव(Ideal Village),मॉडल गांव (Model Village),स्मार्ट गांव(Smart Village) का तुलनात्मक अध्ययन 📊 तुलनात्मक सारणी (Comparison Table) मापदंड / Village Type: आदर्श गांव (Ideal Village), मॉडल गांव (Model Village), स्मार्ट गांव (Smart Village) परिभाषा सामाजिक समरसता व स्वावलंबन पर आधारित सतत विकास के सभी पहलुओं में आदर्श डिजिटल तकनीक और आधुनिक सुविधाओं से लैस मुख्य विशेषता सामाजिक एकता, स्वच्छता, शिक्षा, नैतिकता आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, ई-गवर्नेंस, टिकाऊ विकास इंटरनेट, स्मार्ट क्लास, टेलीमेडिसिन, नवीकरणीय ऊर्जा मानक ODF, नशामुक्त, बाल मजदूरी शून्य, 100% टीकाकरण 24x7 बिजली-पानी, ठोस-तरल कचरा प्रबंधन, रोजगार प्रशिक्षण डिजिटल बैंकिंग, वाई-फाई हॉटस्पॉट, सोलर ऊर्जा से 50% बिजली प्रशासनिक ढांचा ग्राम सभा पर आधारित, सामूहिक निर्णय सशक्त पंचायत, ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता टेक-आधारित गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाएँ सामाजिक दृष्टिकोण जाति-धर्म से ऊपर उठकर समानता शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार पर संतुलित ध्यान तकनीकी सशक्तिकरण के साथ युवा-केंद्रित विकास पर्यावरणीय पहल वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता सतत...

ग्राम सभा: कितना सफल, कितना असफल?: गोपाल प्रसाद

📑 ग्राम सभा: कितना सफल, कितना असफल? 1. संवैधानिक आधार 73वें संविधान संशोधन (1992) में अनुच्छेद 243 के तहत ग्राम सभा को ग्राम स्वराज और जन सहभागिता की नींव माना गया। ग्राम सभा का कार्य: योजनाओं की स्वीकृति, सामाजिक अंकेक्षण, संसाधनों का प्रबंधन, जनहित निर्णय। --- 2. सफलता के पहलू ✅ लोकतांत्रिक भागीदारी – ग्रामीण नागरिकों को सीधे निर्णय प्रक्रिया में जोड़ना। ✅ सामाजिक अंकेक्षण – मनरेगा, पंचायत योजनाओं आदि की निगरानी का मंच। ✅ स्थानीय समस्या समाधान – पीने का पानी, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य जैसी स्थानीय आवश्यकताओं पर ग्राम सभा निर्णय ले सकती है। ✅ सशक्त उदाहरण – केरल में “पीपुल्स प्लान” के जरिए ग्राम सभा की सक्रियता। महाराष्ट्र के हिवरे बाजार या रालेगांव सिद्धि जैसे गांवों ने सामूहिक निर्णय से आदर्श उदाहरण रखे --- 3. असफलता के पहलू ❌ कम उपस्थिति – अधिकांश ग्राम सभाओं में 15–20% से अधिक लोग शामिल नहीं होते। ❌ औपचारिकता मात्र – कागज़ी खानापूर्ति, वास्तविक चर्चा और बहस का अभाव। ❌ राजनीतिक हस्तक्षेप – प्रधान, सरपंच या स्थानीय दबंग वर्ग का नियंत्रण। ❌ महिला एवं कमजोर वर्ग की भागीदारी ...

क्या है ब्लॉक एडॉप्शन प्रोग्राम (Block Adoption Program)?

1. ब्लॉक एडॉप्शन प्रोग्राम (Block Adoption Program) परिभाषा – किसी जिले/राज्य के एक पूरे विकासखंड (Block) को चुनकर वहाँ की ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं में सामूहिक रूप से विकास कार्यों का क्रियान्वयन करना। विशेषता – संपूर्ण ब्लॉक में समग्र ग्रामीण विकास मॉडल लागू करना। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, सड़क, डिजिटल कनेक्टिविटी, महिला सशक्तिकरण, आदि सभी क्षेत्रों में एक साथ सुधार। सामुदायिक भागीदारी और पंचायतों को सशक्त करना। मानक – 100% विद्यालय नामांकन और न्यूनतम ड्रॉपआउट। स्वास्थ्य उपकेंद्र/पीएचसी की कार्यशीलता। हर गांव में सड़क, बिजली और जल उपलब्धता। रोजगार-आधारित कौशल विकास। उदाहरण – उत्तर प्रदेश व बिहार में कुछ जिलों में “ब्लॉक एडॉप्शन प्रोग्राम” के तहत सांसद/विधायक द्वारा संपूर्ण ब्लॉक को मॉडल ब्लॉक बनाने की पहल। --- 2. आदर्श गांव (Ideal Village) परिभाषा – ऐसा गांव जो सामाजिक समरसता, बुनियादी सुविधाओं और स्वावलंबन का उदाहरण बने। विशेषता – जाति-धर्म से ऊपर उठकर सामाजिक एकता। ग्राम सभा सक्रिय और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता। स्वच्छता, शिक्षा, महिला सुरक्षा पर...

इस देश की जनता की क़िस्मत में वोट देना और भगदड़ में मर जाना ही लिखा है क्या?: गोपाल प्रसाद

महाकुंभ मेले की महाभगदड़ से देश उबर भी नहीं पाया था कि कल रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई और तमाम लोग कुचल कर मर गए. बात-बात पर हिंदू ख़तरे में हैं का राग अलापने वाले भाजपा नेता कहाँ ग़ायब हैं? कल रेलवे स्टेशन की भगदड़ में मरे लोग हिंदू थे या नहीं? इन मौतों की ज़िम्मेदारी कोई क्यों नहीं लेता? अश्विनी वैष्णव का काम फ़र्ज़ी रील्स बनाना ही रह गया है क्या? अरे नहीं सम्भाल पा रहे हैं तो इस्तीफ़ा क्यों नहीं दे रहे हैं? रेलवे पर एहसान कर दीजिए सर…अब रेलवे का पिंड छोड़ दीजिए. इस देश की जनता की क़िस्मत में वोट देना और भगदड़ में मर जाना ही लिखा है क्या? रोज़ सुबह उठते ही कहीं भगदड़ में मौतों की ख़बर मिलती है तो कभी बेड़ियों से बंधे हिंदुस्तानियों की तस्वीरें दिखती हैं…कभी आदिवासियों के अपमानों की दास्तान सुनाई पड़ती है तो कभी बेरहमी से क़त्ल हुई बेटी की लाश दिखाई पड़ती है…बाक़ी मणिपुर की तो बात करना ही बेकार है… पूरे देश में जंगलराज चल रहा है और मोदीजी अमेरिका से कबाड़ जेट ख़रीदने में लगे हैं ताकि डोनाल्ड ट्रम्प उनके बैठने के लिए कुर्सी खींच दें और उन्हें कुछ अच्छी तस्वीरें मिल...

गोपाल प्रसाद आरटीआई एक्टिविस्ट का ईटीवी भारत में प्रकाशित विस्तृत आलेख

https://www.etvbharat.com/hindi/delhi/bharat/sc-observation-on-rti-has-diluted-rti-importance-says-rti-activists/na20210710165031696

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 41, अनुच्छेद 243-जी तथा 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन के अंतर्गत ग्राम सभा, ग्राम स्वराज, वार्ड स्वराज एवं नगर स्वराज के अधिकारों के क्रियान्वयन संबंधी तथ्यपरक प्रस्तुति

ग्राम सभा, ग्राम स्वराज, वार्ड स्वराज एवं नगर स्वराज के अधिकारों के क्रियान्वयन संबंधी भारतीय संविधान के आर्टिकल 41, 73वां संविधान संशोधन(1992) एवं 74वां संविधान संशोधन (1992) पर तथ्यपरक, साक्ष्य-आधारित एवं विधिक आलेख विषय: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 41, अनुच्छेद 243-जी तथा 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन के अंतर्गत ग्राम सभा, ग्राम स्वराज, वार्ड स्वराज एवं नगर स्वराज के अधिकारों के क्रियान्वयन संबंधी तथ्यपरक प्रस्तुति --- 1. पृष्ठभूमि तथ्य (Background Facts): 1. अनुच्छेद 41 (Article 41): यह अनुच्छेद राज्य के नीति निर्देशक तत्वों में आता है और राज्य को यह निर्देश देता है कि— राज्य बेरोजगारी, वृद्धावस्था, रोग, विकलांगता एवं अन्य परिस्थितियों में नागरिकों को काम का अधिकार, शिक्षा का अधिकार और सार्वजनिक सहायता का अधिकार प्रदान करने का प्रयास करेगा। अतः यह अनुच्छेद ग्राम स्वराज की बुनियाद में सामाजिक सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता का दायित्व राज्य पर डालता है। 2. 73वां संविधान संशोधन, 1992 (Article 243-243O): इस संशोधन से संविधान में भाग IX जोड़ा गया। ग्राम सभा को संवैधानिक मान्यता दी गई। ...

संविधान में ग्राम सभा,ग्राम स्वराज,वार्ड स्वराज और नगर स्वराज की परिकल्पना के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन की सबसे बड़ी चुनौती के क्रम में महत्वपूर्ण तथ्य और एक व्यावहारिक कार्ययोजना(Action Plan)

संविधान में ग्राम सभा,ग्राम स्वराज,वार्ड स्वराज और नगर स्वराज की परिकल्पना के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन की सबसे बड़ी चुनौती के क्रम में महत्वपूर्ण तथ्य और एक व्यावहारिक कार्ययोजना(Action Plan) 1. संवैधानिक प्रावधान और जमीनी हकीकत समस्या: अधिकार तो दिए गए हैं (अनुच्छेद 243G – पंचायत, 243W – नगर निकाय), परंतु प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण राज्य सरकार/नौकरशाही के हाथों में है। व्यावहारिक समाधान: नियमित “Devolution Index” (जैसे केरल में हुआ) – हर राज्य में यह आंका जाए कि पंचायतों को वास्तव में कितने विषय, कर्मचारी और वित्तीय अधिकार हस्तांतरित हुए। संधि/कानूनन अनिवार्यता – राज्य सरकारें “कार्य-सौंपने का कानून” बनाएँ जिसमें स्पष्ट हो कि 29 विषय ग्राम पंचायतों को और 18 विषय नगर निकायों को बाध्यकारी रूप से सौंपे जाएँगे। नौकरशाही का जवाबदेह तंत्र – पंचायत सचिव/नगरपालिका कर्मचारी का जवाबदेह अधिकारी ग्राम सभा/नगर सभा को घोषित किया जाए, न कि केवल राज्य सरकार को। 2. अंत्योदय तक लाभ पहुँचाना समस्या: योजनाएँ ऊपर से नीचे बनती हैं, अंत्योदय तक पहुँचने में भ्रष्टाचार और बिचौलिये अटक जाते है...

स्थानीय सांसद, विधायक, पार्षद आदि के रिपोर्ट कार्ड पर बिहार में *अक्टूबर 2025* को मतदान करते समय विचार किया जाएगा।

स्थानीय सांसद, विधायक, पार्षद आदि के रिपोर्ट कार्ड पर बिहार में *अक्टूबर 2025* को मतदान करते समय विचार किया जाएगा। 1. कम से कम 100 अतिक्रमण (प्रति वार्ड) लगाए गए, जो सड़कों और फुटपाथों पर स्वतंत्र आवाजाही के अधिकार को नकारते हैं? 2. सड़क स्वामित्व एजेंसियों द्वारा सार्वजनिक भूमि को निजी भूमि के रूप में बेचकर प्रति वार्ड कम से कम 20 खाद्य वैन लगाई गईं। 3. सड़क या फुटपाथ पर 100 कियोस्क लगवाए (प्रति वार्ड) 4. फुटपाथ को नष्ट कर दिया गया जिससे पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित जगह नहीं रह गई जिससे हर साल मौतों की संख्या बढ़ रही है। 5. शून्य रखरखाव के साथ गड्ढों से भरी सड़कें बनाईं 6. पूरे निर्वाचन क्षेत्र में तूफानी जल निकासी और सीवेज लाइनों को अवरुद्ध कर दिया। 7. सफाई सामग्री फेंककर बरसाती पानी की नालियों को अवरुद्ध कर दिया गया 8. यूनिफाइड बिल्डिंग बाय लॉ 2026 के शून्य अनुपालन के साथ खुलेआम अनाधिकृत निर्माण की अनुमति दी गई। 9. आवासीय भूखंडों को मुफ्त में वाणिज्यिक भूखंडों में परिवर्तित किया गया और आवासीय कमी और सड़कों पर अराजकता और शून्य सार्वजनिक सुरक्षा को कम किया गया। 10. बिहार को अप...

स्वराज की अवधारणा एवं ग्राम विकास द्वारा भारत पुनर्निर्माण : गोपाल प्रसाद

स्वराज की अवधारणा एवं ग्राम विकास द्वारा भारत पुनर्निर्माण : गोपाल प्रसाद भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। महात्मा गाँधी ने कहा था – “भारत का भविष्य गाँवों में है।” यह कथन केवल भावनात्मक नहीं बल्कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गाँधीजी ने “स्वराज” को केवल अंग्रेज़ी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मशासन की अवधारणा के रूप में परिभाषित किया। आज जब भारत तीव्र आर्थिक विकास की राह पर है, तब स्वराज की यह मूल अवधारणा ग्राम विकास के माध्यम से भारत के पुनर्निर्माण में मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती है। 1. स्वराज की अवधारणा “स्वराज” शब्द का शाब्दिक अर्थ है – स्वयं का शासन। गाँधीजी के अनुसार इसका अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की आत्मनिर्भरता है। इसके मुख्य तत्व इस प्रकार हैं – राजनीतिक स्वायत्तता: जनता अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं ले। आर्थिक स्वावलंबन: उत्पादन और उपभोग की व्यवस्था स्थानीय संसाधनों और कौशल पर आधारित हो। सामाजिक समानता: जाति, लिंग और वर्ग भेद से मुक्त समाज। नैतिक व स...

गोपाल प्रसाद (RTI एक्टिविस्ट) के व्यक्तित्व और कार्यों की जानकारी

गोपाल प्रसाद (RTI एक्टिविस्ट) के व्यक्तित्व और कार्यों की जानकारी गोपाल प्रसाद — RTI एक्टिविस्ट का परिचय स्थान और सक्रियता: दिल्ली के रहने वाले RTI एक्टिविस्ट गोपाल प्रसाद ने आरटीआई अधिनियम की शुरुआत से ही करीब 7,000 RTI आवेदन दायर किए हैं, जो इस क्षेत्र में उनकी सक्रियता और प्रतिबद्धता का प्रमुख उदाहरण है । लोक प्रशासन में पारदर्शिता की मांग एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान अपील सुनवाई प्रक्रिया को बाधित करने के लिए जानबूझकर तकनीकी अड़चनें डाली गईं— जैसे ज़ूम लिंक के लिए मोबाइल और ईमेल की आखिरी समय में माँग, जबकि ये विवरण पहले से उनके आवेदन में ही थे । सिस्टम से जुड़े आलोचनात्मक मुद्दे उन्होंने RTI प्रक्रिया में शामिल कई गंभीर बाधाओं को उजागर किया— जैसे केंद्रीय और राज्य RTI पोर्टल का असंगठित होना, लंबित आपीलों की संख्या व प्रतिक्रिया में देरी । RTI से जुड़ी प्रमुख समस्याएँ गोपाल प्रसाद ने “third-party” जानकारी की बाध्यता, रिकॉर्ड की डिजिटलीकरण की कमी, और राज्य सूचना आयोगों में सूचना अधिकारियों की नियुक्ति में राजनीतिक पक्षपात जैसी व्यवस्थागत खामियों क...

गोपाल प्रसाद आरटीआई एक्टिविस्ट का पत्रकार उमाशंकर सिंह द्वारा लिया गया इंटरव्यू

क्या गंगा और यमुना जी की सफाई एक खेला मात्र है? रोड पर भटकती गौ माता के प्रति कितना सजग और चिंतित है उत्तरप्रदेश सरकार ? बहुत कहानी है भाई ; सब झोल है विश्वास नहीं है तो वीडियो में सबूत देखिये ,,,https://youtu.be/wT9RMuroxS0?si=2ig9hjxD3-M_a5KJ

क्या आप संपूर्ण क्रांति एवं व्यवस्था परिवर्तन के समर्थक जीवित लोगों के नाम,अपवादी की सूची दे सकते हैं?

संपूर्ण क्रांति एवं व्यवस्था परिवर्तन के समर्थक जीवित लोगों के नाम,अपवादी की सूची दे सकते हैं? बिहार के आसन्न विधानसभा चुनाव में प्रमुख मुद्दे क्या क्या होना चाहिए? भ्रष्टाचार क्या इस चुनाव में मुद्दा होगा? बिहार में आपके अनुभव के अनुसार सहकारिता क्षेत्र की चुनौतियां,समस्या और समाधान क्या है? प्रायः सभी सरकार द्वारा बिहार के विकास की हकीकत, मिथिला क्षेत्र की उपेक्षा पर आपका दृष्टिकोण क्या है? बिहार की जनता का रुख NDA अथवा INDIA गठबंधन में से किस ओर होगा? क्या बिहार की जनता किसी तीसरे विकल्प की तलाश में है? गोपाल प्रसाद खटीक(आरटीआई सेवक)बिहारी दरभंगा,दिल्ली,वाराणसी मोबाईल:9910341785,7678261884 Email: gopalrti7@gmail.com

"मोदी राज में भ्रष्टाचार के प्रमुख आरोप और विवाद (2014–2025)" पर विस्तृत रिपोर्ट जारी

"मोदी राज में भ्रष्टाचार के प्रमुख आरोप और विवाद (2014–2025)" पर विस्तृत रिपोर्ट जारी दिल्ली के आरटीआई सेवक एवं भारत गठबंधन के राष्ट्रीय सह संयोजक गोपाल प्रसाद खटीक ने "मोदी राज में भ्रष्टाचार के प्रमुख आरोप और विवाद" शीर्षक से एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में वर्ष 2014 से 2025 तक केंद्र सरकार और उससे जुड़े विभिन्न मामलों में सामने आए भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और घोटालों का दस्तावेजी संकलन प्रस्तुत किया गया है। इसमें रक्षा सौदों, वित्तीय घोटालों, सार्वजनिक उपक्रमों, चुनावी बॉन्ड, न्यायपालिका और जाँच एजेंसियों पर उठे सवालों से लेकर निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के आरोप तक शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट में निष्कर्ष रूप में कहा गया है कि “भ्रष्टाचार-मुक्त शासन के दावों के बावजूद, अनेक मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। शीघ्र न्यायिक एवं प्रशासनिक निष्कर्ष आना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।” तैयारकर्ता का वक्तव्य: गोपाल प्रसाद खटीक ने कहा, “यह रिपोर्ट किसी राजनीतिक दल विशेष के लिए नहीं, बल्कि जनता के सामने सत्य को दस्तावेजी ...