"मोदी राज में भ्रष्टाचार के प्रमुख आरोप और विवाद (2014–2025)" पर विस्तृत रिपोर्ट जारी

"मोदी राज में भ्रष्टाचार के प्रमुख आरोप और विवाद (2014–2025)" पर विस्तृत रिपोर्ट जारी दिल्ली के आरटीआई सेवक एवं भारत गठबंधन के राष्ट्रीय सह संयोजक गोपाल प्रसाद खटीक ने "मोदी राज में भ्रष्टाचार के प्रमुख आरोप और विवाद" शीर्षक से एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में वर्ष 2014 से 2025 तक केंद्र सरकार और उससे जुड़े विभिन्न मामलों में सामने आए भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और घोटालों का दस्तावेजी संकलन प्रस्तुत किया गया है। इसमें रक्षा सौदों, वित्तीय घोटालों, सार्वजनिक उपक्रमों, चुनावी बॉन्ड, न्यायपालिका और जाँच एजेंसियों पर उठे सवालों से लेकर निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के आरोप तक शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट में निष्कर्ष रूप में कहा गया है कि “भ्रष्टाचार-मुक्त शासन के दावों के बावजूद, अनेक मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। शीघ्र न्यायिक एवं प्रशासनिक निष्कर्ष आना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।” तैयारकर्ता का वक्तव्य: गोपाल प्रसाद खटीक ने कहा, “यह रिपोर्ट किसी राजनीतिक दल विशेष के लिए नहीं, बल्कि जनता के सामने सत्य को दस्तावेजी रूप से रखने के लिए है। लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब भ्रष्टाचार पर प्रश्न पूछे जाएँ और जवाबदेही तय हो।” रिपोर्ट की प्रति पीडीएफ और वर्ड फॉर्मेट में उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक नागरिक, मीडिया संस्थान या सामाजिक संगठन ईमेल के माध्यम से इसे प्राप्त कर सकते हैं। संपर्क: गोपाल प्रसाद खटीक (आरटीआई सेवक) राष्ट्रीय सह संयोजक, भारत गठबंधन मोबाइल: 9910341785, 7678261884 Email: gopalrti7@gmail.com ✍️ (B) जन-सरोकार आधारित मीडिया नोट (Public Appeal / जनहित नोटिस) चुनाव आयोग से पूछता है भारत — भ्रष्टाचार पर कब होगी निष्पक्ष कार्रवाई? साथियों, मोदी राज (2014–2025) में भ्रष्टाचार-मुक्त शासन के बड़े-बड़े दावे किए गए। लेकिन वास्तविकता यह है कि इस अवधि में कई घोटाले, घोर अनियमितताएँ और सत्ता से जुड़ी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के आरोप सामने आए। 👉 इस रिपोर्ट में प्रमुख घोटालों और विवादों का दस्तावेजीकरण किया गया है। 👉 कई मामले आज भी जांच के अधूरे पड़ाव पर हैं। 👉 लोकतंत्र में नागरिकों का कर्तव्य है कि वे सवाल पूछें और सत्ता से जवाब मांगें। हमारी माँग: सभी लंबित मामलों में शीघ्र और पारदर्शी जांच हो। चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाएँ स्वतंत्र रूप से काम करें। जनता को गुमराह करने वाले "भ्रष्टाचार-मुक्त शासन" के खोखले दावों का पर्दाफाश हो। आपसे अपील: इस रिपोर्ट को पढ़ें, साझा करें और चर्चा करें। लोकतंत्र की रक्षा के लिए नागरिक निगरानी अनिवार्य है। आरटीआई और जन-जागरूकता ही असली हथियार हैं। संपर्क / रिपोर्ट प्राप्त करने हेतु: गोपाल प्रसाद खटीक (आरटीआई सेवक) राष्ट्रीय सह संयोजक, भारत गठबंधन मोबाइल: 9910341785, 7678261884 Email: gopalrti7@gmail.com _____________________________________ मोदी राज में भ्रष्टाचार के आरोपों की सूची मोदी काल में “भ्रष्टाचार-मुक्त शासन” का दावा किया गया, लेकिन विरोधी दल और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लगातार कई नेताओं व उद्योगपतियों पर बड़े घोटालों के आरोप लगाए। नारायण राणे – लैंड घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने पुणे की 29 एकड़ वन-भूमि को अवैध हस्तांतरण बताया। शारदा चिटफंड घोटाला: शुभेंदु अधिकारी और हिमंता बिस्वा शर्मा के नाम विवादों में रहे। CBI जांच वर्षों से जारी। व्यापम घोटाला (म.प्र.): शिवराज सिंह चौहान शासन में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा; अनेक मौतें, FIR और CBI जांच। सिंचाई घोटाला (महाराष्ट्र): अजित पवार पर अरबों की अनियमितता का आरोप, खुद को निर्दोष बताते रहे। बी.एस. बोम्मई पर “50% घोटाला” का राजनीतिक आरोप – ठेके और कमीशनखोरी की चर्चा। अरुणाचल में पेमा खांडू पर 2000 करोड़ का घोटाले का आरोप – युवा संगठनों द्वारा आंदोलन। खनन घोटाला (कर्नाटक): लोकायुक्त रिपोर्ट में येदुरप्पा का नाम; CBI जांच। रघुबर दास (झारखंड): “टी-शर्ट घोटाला” और सरकारी खर्च में अनियमितताओं का आरोप। अडानी समूह: 2023 में हिनडनबर्ग रिपोर्ट ने शेयर-हेरफेर और शैल कंपनियों के इस्तेमाल का आरोप लगाया; SEBI जांच जारी। (2) विस्तृत विश्लेषण – स्थितिवार टाइमलाइन नाम घोटाले/आरोप समयरेखा (महत्वपूर्ण घटनाएँ) वर्तमान स्थिति स्रोत/जांच एजेंसी नारायण राणे जमीन घोटाला (कोंढवा, पुणे) 2023–2024: सुप्रीम कोर्ट ने 29 एकड़ वनभूमि के अवैध हस्तांतरण को अवैध ठहराया कानूनी निगरानी जारी सुप्रीम कोर्ट रिकॉर्ड शुभेंदु अधिकारी शारदा चिटफंड 2014 से CBI जांच में नाम, TMC नेताओं के साथ विवाद कई मामलों में जांच लंबित CBI हिमंता बिस्वा शर्मा शारदा चिटफंड 2013–2015: CBI पूछताछ; बाद में NDA में शामिल मुकदमे निर्णायक नहीं CBI शिवराज सिंह चौहान व्यापम घोटाला 2013–2015: हज़ारों भर्तियों में फर्जीवाड़ा; 40+ संदिग्ध मौतें सुप्रीम कोर्ट निगरानी में CBI जांच CBI/SC अजित पवार सिंचाई घोटाला 2012–2020: अरबों की लागत वृद्धि; ACB जांच आरोपों से इंकार; जांच अधूरी ACB, महाराष्ट्र बी.एस. बोम्मई “50% कमीशन” 2022: कांट्रैक्टर संघ का आरोप; विपक्ष ने मुद्दा उठाया कोई FIR नहीं, पर भारी राजनीतिक बहस मीडिया, राजनीतिक बयान पेमा खांडू 2000 करोड़ का घोटाला 2021–2023: ANYA संगठन ने PIL व आंदोलन कानूनी स्थिति अस्पष्ट हाईकोर्ट याचिकाएँ बी.एस. येदुरप्पा माइनिंग घोटाला 2011: लोकायुक्त ने अवैध खनन का खुलासा; 2012: गिरफ्तारी; बाद में जमानत कई केस पेंडिंग/क्लीनचिट लोकायुक्त/CBI रघुबर दास टी-शर्ट घोटाला 2016–2019: सरकारी आयोजनों में खर्च विवाद विपक्षी आरोप, जांच अधूरी झारखंड ACB अडानी समूह हिनडनबर्ग रिपोर्ट, SEBI जांच 2023: हिनडनबर्ग रिपोर्ट; 2023–25 SEBI जांच जारी अंतरराष्ट्रीय विवाद; भारत में केस जारी SEBI, SC

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