भारतीय राजनीतिक दलों की चुनावी आय और व्यय की जानकारी प्राप्त करना लोकतंत्र की पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण

भारतीय राजनीतिक दलों की चुनावी आय और व्यय की जानकारी प्राप्त करना लोकतंत्र की पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग (ECI) के पास राजनीतिक दलों से संबंधित वित्तीय विवरण प्राप्त करने की सीमित शक्तियाँ हैं, विशेषकर जब बात अनाम दानदाताओं के योगदान की होती है। हालांकि, विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध आंकड़े इस विषय पर प्रकाश डालते हैं। 🗳️ प्रमुख राष्ट्रीय दलों का आय और व्यय (वित्तीय वर्ष 2023-24) 1. भारतीय जनता पार्टी (BJP) कुल आय: ₹4,340.47 करोड़ कुल व्यय: ₹2,211.69 करोड़ (आय का 50.96%) प्रमुख खर्च: चुनावी प्रचार और प्रचार सामग्री (₹1,754.07 करोड़), प्रशासनिक खर्च (₹349.72 करोड़) दानदाताओं से प्राप्त आय: ₹3,967.15 करोड़ (Electoral Bonds के माध्यम से) दानदाताओं की संख्या: 8,358 (₹20,000 से अधिक की दान राशि) 2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) कुल आय: ₹1,225.12 करोड़ कुल व्यय: ₹1,025.25 करोड़ (आय का 83.69%) प्रमुख खर्च: चुनावी खर्च (₹619.67 करोड़), प्रशासनिक और सामान्य खर्च (₹340.70 करोड़) दानदाताओं से प्राप्त आय: ₹1,129.67 करोड़ (Electoral Bonds के माध्यम से) दानदाताओं की संख्या: 1,994 (₹20,000 से अधिक की दान राशि) 3. अन्य राष्ट्रीय दलों का तुलनात्मक विवरण सीपीआई (M): कुल आय ₹167.64 करोड़, व्यय ₹127.28 करोड़ (आय का 75.93%) बहुजन समाज पार्टी (BSP): कुल आय ₹64.78 करोड़, व्यय ₹43.19 करोड़ (आय का 66.67%) आम आदमी पार्टी (AAP): कुल आय ₹22.14 करोड़, व्यय ₹20.00 करोड़ (आय का 90.53%) नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPEP): कुल आय ₹0.17 करोड़, व्यय ₹0.13 करोड़ (आय का 76.47%) 📊 2024 लोकसभा चुनाव में व्यय का वितरण कुल व्यय: ₹3,352.81 करोड़ (32 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों द्वारा) BJP का योगदान: ₹1,494 करोड़ (44.56%) INC का योगदान: ₹620 करोड़ (18.5%) ⚖️ चुनाव आयोग की भूमिका और सीमाएँ चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों के वित्तीय स्रोतों की जांच करने की कानूनी शक्ति नहीं है। इसका अर्थ है कि आयोग केवल उन विवरणों पर निगरानी रख सकता है जो दल स्वयं प्रस्तुत करते हैं, और अनाम दानदाताओं के योगदान की गहन जांच नहीं कर सकता। 🧾 जानकारी प्राप्त करने के स्रोत चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट: eci.gov.in Association for Democratic Reforms (ADR): adrindia.org Myneta.info: myneta.info

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आरएसएस के किसी भी राष्ट्रीय प्रवक्ता ने तो एक शब्द भी नहीं बोला पीएम या पीएमओ को मैच के विरोध में

वर्ष 2014 के बाद प्रशासनिक निर्णयों, फाइल-नोटिंग्स और संभावित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग

क्या इस देश के नागरिक को गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए भी प्रशासन से इजाजत लेने की आवश्यकता है? : गोपाल प्रसाद खटीक आरटीआई सेवक