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भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, SIR/मतदाता सूची पुनरीक्षण, Form-6 में कथित अनधिकृत परिवर्तन तथा दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा रिकॉर्ड पर दर्ज आपत्तियों के संबंध में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने तथा प्रथमदृष्टया किसी संज्ञेय अपराध/कदाचार की पुष्टि होने पर विधि के अनुसार FIR, अभियोजन एवं गिरफ्तारी सहित कार्रवाई किए जाने का अनुरोध।

ज्ञापन / REPRESENTATION प्रेषक: गोपाल प्रसाद (आरटीआई सेवक) लेखक — “लोकतंत्र नहीं, धनतंत्र” मकान नं. 244/78, तृतीय तल, गली नं. 7, स्कूल ब्लॉक, निकट तालाब चौक, मंडावली, दिल्ली–110092 मोबाइल: 09910341785 / 8178949704 ई-मेल: sampoornkranti2025@gmail.com X: @varanasilok2024 दिनांक: 24 सितंबर 2026 प्रति: माननीय राष्ट्रपति, भारत गणराज्य, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली माननीय मुख्य न्यायाधीश, भारत का सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली माननीय कैबिनेट सचिव, भारत सरकार, कैबिनेट सचिवालय, नई दिल्ली माननीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली विषय की गंभीरता : भारत का निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत स्थापित संवैधानिक संस्था है। संविधान के अनुसार संसद, राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों की मतदाता-सूची और चुनाव संचालन का अधीक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण निर्वाचन आयोग में निहित है। अतः निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता, पारदर्शिता, संस्थागत स्वतंत्रता और उसके निर्णयों की वैधानिकता केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि लोकतांत्रिक शासन और मताधिकार की विश्वसनीयता से जुड़ा सं...