*न्यायिक सुधार (ज्यूडिशियल रिफॉर्म) से जुड़े ज्वलंत मुद्दे पर स्वतंत्र पत्रकार एवं आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद द्वारा "अखिल भारतीय हिंद क्रांति पार्टी" के राष्ट्रीय अध्यक्ष "श्री कमलेश त्रिपाठी" जी से लिए गए साक्षात्कार के मुख्य अंश*

*न्यायिक सुधार (ज्यूडिशियल रिफॉर्म) से जुड़े ज्वलंत मुद्दे पर स्वतंत्र पत्रकार एवं आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद द्वारा "अखिल भारतीय हिंद क्रांति पार्टी" के राष्ट्रीय अध्यक्ष "श्री कमलेश त्रिपाठी" जी से लिए गए साक्षात्कार के मुख्य अंश* *लक्ष्य : निर्णय के बजाय न्याय के सिद्धांत पर न्यायपालिका का संचालन* *हमारा प्रश्न : न्याय की कभी अपील नहीं होती। जिसकी अपील हो, वह अन्याय है और अन्याय करनेवाला व्यक्ति अपने नाम के सामने न्यायमूर्ति या न्यायाधीश कैसे लिख सकता है?* *दोहरा मापदण्ड : एक तरफ सुप्रीम कोर्ट कहता है कि विधि की अज्ञानता क्षम्य नहीं। प्रश्न उठता है कि क्या न्यायाधीश वकील और जांच एजेंसियों को विधि की अज्ञानता से मुक्त रखा गया है?* वर्तमान स्थिति : न्यायिक प्रक्रिया की पूरी संरचना निर्णय,अपील, कोर्ट फीस, नो पर्सनल लाइबिलिटी के आधार पर चल रही है।* *हमारा मिशन : यदि इसे न्याय के सिद्धांत पर चलाएं तो 50% मुकदमे स्वत खत्म हो जाएंगे।* *कोर्ट फीस : सन 1870 से न्याय का व्यापार जो आज भी चल रहा है, यदि उसे समाप्त कर दिया जाए, तो विवादों का निराकरण शीघ्र होने लगेगा। न्याय फीस अधिनियम 1870 न्यायालय की सहायता लेने के लिए न्याय शुल्क देना पड़ता है, फिर यह न्यायालय कैसे हो सकता है? वास्तव में यह भारत सरकार एवं राज्य सरकार का एक व्यापारिक केंद्र है।* *हमारा संविधान क्या कहता है?: हमारा संविधान कहता है कि जनता के पांच मौलिक अधिकार: शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रक्षा और न्याय दिलाना सरकार के लिए बाध्यकारी है जो राज्य के कर्तव्य में आता है।* *भारतीय संविधान का संदर्भित अनुच्छेद:* *भारत के संविधान का अनुच्छेद 50, 141, 142, 144, 145* *अनुच्छेद 50: कार्यपालिका और न्यायपालिका दोनों को अलग होना चाहिए।* *उदाहरण:* *1. डीएम, एसडीएम, तहसीलदार आदि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार दोनों के प्रतिनिधित्व करनेवाले संरक्षक हैं।* *2. प्रशासनिक अधिकारी लॉ एंड आर्डर* *3. ज्यूडिशियल ऑफिसर/ न्यायाधीश* *वन मैन एंड ट्रिपल रोल : वर्तमान स्थिति में एक ही व्यक्ति तीन भूमिका में है, अर्थात वही अपराध करता है, वही लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करता है और वही न्याय करता है।* *एग्रीमेंट बाय पार्टी : दो पार्टी के बीच एग्रीमेंट होता है जैसे: बैंक, बिजली विभाग, हाउसिंग सोसाइटी, हाउसिंग बोर्ड। दो पार्टी के बीच जब एग्रीमेंट के आधार पर काम होता है, उसमें जो भी पक्ष एग्रीमेंट का ब्रीच करेगा उसका निराकरण तीसरा पक्ष करेगा, पर व्यवहार में यह हो रहा है कि एग्रीमेंट के दो पक्षों में से एक पक्षकार ही ब्रीच का निर्णय करते हैं, फिर दण्ड भी वही देते हैं।* *अंग्रेजों द्वारा बनाई गई व्यवस्था का अनुकरण* : *वास्तव में यह व्यवस्था अंग्रेजों द्वारा भारतीय जनता को बंधुआ मजदूर और गुलाम बनाए रखने, उनकी संपत्ति को कब्जा करने व अवैध वसूली करने के लिए बनाई गई थी। इस नियम /कानून को भारतीय संसद भारत सरकार एवं राज्य सरकारों ने आगे बढ़ाया या अनुकरण किया। अतः कार्यपालिका, न्यायपालिका का पृथक्करण एवं वर्तमान स्थिति, परिस्थिति के अनुसार संपूर्ण व्यवस्था में परिवर्तन जरूरी है।* *इसलिए यह विश्वास भंग का मामला है। वास्तव में ये Breech of Contract and Breech of Trust के विपरीत आचरण कर रहे हैं, जो भारतीय न्याय संहिता के अनुसार आपराधिक कृत्य है।* *अनुच्छेद 141,142,144 : सुप्रीम कोर्ट की व्यापक शक्तियों का उल्लेख है। सुप्रीम कोर्ट का कोई भी निर्णय/आदेश/डिग्री भारत सरकार, राज्य सरकार अधीनस्थ न्यायालय एवं सामान्य जनता सभी मानने के लिए बाध्य है, न मानने पर न्यायालय की अवमानना से दंडित होगा। इन्हीं आदेशों को न मानने से 5 करोड़ मुकदमे चल रहे हैं।* *अनुच्छेद 145 : सुप्रीम कोर्ट को विवादों के निराकरण की न्यायिक प्रक्रिया तय करने का अधिकार प्राप्त है।* *यदि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना जा रहा है तो यह न्यायिक प्रक्रिया की कमी को दर्शाता है। भारत के जनता की अपेक्षा है कि उसका सर्वोच्च न्यायालय अधिकार संपन्न और सशक्त हो।* *शपथ पत्र : भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री , उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उनके द्वारा लिए गए शपथ, शपथ पत्र में वर्णित शब्दों की मर्यादा, उसका महत्व एवं उसके अर्थ सहित व्याख्या पर ध्यान आकृष्ट कराना।* साक्षातकर्ता : गोपाल प्रसाद (स्वतंत्र पत्रकार एवं आरटीआई सेवक) राष्ट्रीय सह संयोजक, भारत गठबंधन राष्ट्रीय अध्यक्ष आरटीआई सेना तिवारी निवास, मकान नंबर-12, गली नंबर-5, निकट बालकनाथ मंदिर, चंदर विहार, आई.पी. एक्सटेंशन, नई दिल्ली -110092 मोबाइल: 9910341785, 7678261884 ईमेल: gopalrti7@gmail.com, sampoornkranti2025@gmail.com twitter(X): @varanasilok2024 Blog: www.sampoorn-kranti.blogspot.com

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