RSS की विचारधारा में बदलाव का मुख्य कारण: सामाजिक स्वीकार्यता, राजनीतिक ज़रूरत (भाजपा की सफलता), और जनता के बीच व्यापक पहुंच बनाना: गोपाल प्रसाद
1. RSS की विचारधारा का मूल आधार
स्थापना (1925, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की मूल विचारधारा हिंदू राष्ट्रवाद पर टिकी है।
मुख्य विचार:
भारत एक हिंदू राष्ट्र है (सांस्कृतिक दृष्टि से, कानूनी नहीं)।
एक संस्कृति, एक राष्ट्र की अवधारणा।
अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, और सामाजिक संगठन पर जोर।
गोलवलकर काल (1930–1973):
“We or Our Nationhood Defined” (1939) में मुस्लिम व ईसाई समुदायों को “विदेशी तत्व” की तरह बताया।
इसके कारण RSS पर सांप्रदायिकता के आरोप लगे।
2. RSS की विचारधारा में बदलाव का कारण
RSS ने समय और राजनीतिक जरूरतों के अनुसार अपने शब्दों और प्राथमिकताओं को बदला है:
संविधान विरोध → संविधान स्वीकृति: शुरुआती दौर में संविधान और तिरंगे पर आपत्ति थी, बाद में स्वीकार किया।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद → समावेशी राष्ट्रवाद: मोहन भागवत और उनके पूर्ववर्ती सुदर्शन जी ने “भारत सभी का है” जैसी बातें कही, ताकि संगठन को लोकतांत्रिक छवि मिले।
आरक्षण मुद्दा: पहले आरक्षण पर शंका जताई, बाद में भागवत जी ने इसे “सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक” बताया।
*महिला भागीदारी: लंबे समय तक महिला शाखा (Rashtra Sevika Samiti) अलग थी, अब महिला भूमिका को ज्यादा स्वीकार किया गया।
➡️ बदलाव का मुख्य कारण: सामाजिक स्वीकार्यता, राजनीतिक ज़रूरत (भाजपा की सफलता), और जनता के बीच व्यापक पहुंच बनाना।
*3. मोहन भागवत जी के बदलते बयान (मुख्य उदाहरण)*
*1. आरक्षण (2015, बिहार चुनाव से पहले):*
कहा: “आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए।”
चुनावी नुकसान के बाद (भाजपा की हार), बदलकर कहा: “आरक्षण समाप्त नहीं होगा, जरूरतमंदों को लाभ मिलेगा।”
*2. हिंदू राष्ट्र पर:*
पहले: “भारत एक हिंदू राष्ट्र है।”
बाद में स्पष्टीकरण: “हिंदू शब्द धार्मिक नहीं, सांस्कृतिक पहचान है। भारत सभी का है।”
*3. मुस्लिम और अल्पसंख्यक:*
पहले: मुस्लिम राष्ट्रवाद पर आलोचनात्मक रुख।
बाद में: “मुस्लिम भी इस देश के उतने ही नागरिक हैं, जितने हिंदू।”
*4. जाति व्यवस्था:*
2018: कहा, “जाति भगवान की देन नहीं, समाज की बनाई विकृति है।”
इसका उद्देश्य RSS को जाति-विरोधी सुधारक रूप में दिखाना था।
*4. नरेंद्र मोदी को RSS मार्गदर्शन*
RSS औपचारिक रूप से “मार्गदर्शन” शब्द का उपयोग करती है, और मोदी सरकार को कई मुद्दों पर संकेत दिए गए:
कृषि कानून (2020–21): किसान आंदोलन के दौरान भागवत जी ने संवाद और सहमति की सलाह दी।
अर्थव्यवस्था व बेरोज़गारी: कई बार “स्वदेशी उद्योग और रोजगार” पर ध्यान देने को कहा।
राम मंदिर: 2019 सुप्रीम कोर्ट फैसले से पहले लगातार दबाव बनाए रखा।
*समाज सुधार: मोदी सरकार को “गौ संरक्षण, घर वापसी, जनसंख्या नीति” जैसे मुद्दों पर ध्यान दिलाया।
➡️ RSS का रुख अक्सर संकेतात्मक होता है, ताकि जनता में संतुलित छवि बनी रहे, पर अंदरखाने भाजपा पर प्रभाव बना रहे।*
*5. भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष पर मोहन भागवत के बयान*
औपचारिक रूप से RSS सीधा बयान कम देती है, पर “संगठन और पार्टी में सामंजस्य” की बात हमेशा करती है।
भागवत जी कहते हैं: “अध्यक्ष कोई भी बने, भाजपा की मूल विचारधारा RSS से जुड़ी रहेगी।”
कई बार भाजपा अध्यक्ष चयन में RSS का अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप हुआ है (जैसे—राजनाथ सिंह, नड्डा)।
*6. RSS के प्रमुख दावे*
भारत हिंदू राष्ट्र है (सांस्कृतिक आधार पर)।
समाज में जातिविहीन व्यवस्था की आवश्यकता।
भारतीय संस्कृति पश्चिमी संस्कृति से श्रेष्ठ।
गौ माता की रक्षा और गौ आधारित अर्थव्यवस्था।
राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण।
जनसंख्या नियंत्रण की नीति।
*7. RSS किन विषयों का समर्थन करती है?*
हिंदुत्व/सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
राम मंदिर, गौ रक्षा, घर वापसी, लव जिहाद कानून
स्वदेशी उद्योग, आत्मनिर्भर भारत
राष्ट्रभक्ति और सैन्य शक्ति
महिला शिक्षा व परिवार आधारित मूल्य
8. *RSS किन विषयों का विरोध करती है?*
धर्मांतरण (ईसाई मिशनरी गतिविधि, इस्लामी कट्टरता)
पश्चिमी जीवनशैली (लिव-इन, समलैंगिक विवाह, अत्यधिक उपभोक्तावाद)
कम्युनिज़्म और वामपंथी विचारधारा
‘छद्म धर्मनिरपेक्षता’ (उनके शब्दों में)
पाकिस्तान/चीन के प्रति नरमी
✅ *निष्कर्ष:*
*RSS की विचारधारा का असली सच यह है कि वह हिंदू सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर आधारित है, लेकिन समय और राजनीति के दबाव में अपने शब्दों, दावों और स्वर को बदलती रही है। मोहन भागवत जी इसके सबसे व्यावहारिक चेहरा हैं, जिन्होंने पारंपरिक कठोरता को समकालीन राजनीति और लोकप्रियता के अनुसार ढाला।*
*प्रस्तुत आलेख में बहुत गहरे और बहुआयामी प्रश्न एवं उसके उत्तर क्रमवार और तथ्यों व संदर्भों सहित समझाने का प्रयास किया है ताकि आपको RSS की विचारधारा, बदलाव, मोहन भागवत जी की भूमिका और भाजपा से संबंध का स्पष्ट चित्र मिले*:
*प्रस्तोता : गोपाल प्रसाद "आरटीआई सेवक"*
*(राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अमेठी से प्राथमिक एवं गोरखपुर से प्रथम वर्ष प्रशिक्षित स्वयंसेवक रहे हैं)*
*जारीकर्ता: गोपाल प्रसाद*
*(आरटीआई कार्यकर्ता व समाजसेवी)*
*राष्ट्रीय सह संयोजक, भारत गठबंधन*
*पता: मकान नंबर-12, गली नंबर 5,*
*चंदर विहार, निकट बालकनाथ मंदिर,*
*आई. पी. एक्सटेंशन, नई दिल्ली–110092*
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