गोपाल प्रसाद (RTI एक्टिविस्ट) के व्यक्तित्व और कार्यों की जानकारी
गोपाल प्रसाद (RTI एक्टिविस्ट) के व्यक्तित्व और कार्यों की जानकारी
गोपाल प्रसाद — RTI एक्टिविस्ट का परिचय
स्थान और सक्रियता: दिल्ली के रहने वाले RTI एक्टिविस्ट गोपाल प्रसाद ने आरटीआई अधिनियम की शुरुआत से ही करीब 7,000 RTI आवेदन दायर किए हैं, जो इस क्षेत्र में उनकी सक्रियता और प्रतिबद्धता का प्रमुख उदाहरण है ।
लोक प्रशासन में पारदर्शिता की मांग
एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान अपील सुनवाई प्रक्रिया को बाधित करने के लिए जानबूझकर तकनीकी अड़चनें डाली गईं— जैसे ज़ूम लिंक के लिए मोबाइल और ईमेल की आखिरी समय में माँग, जबकि ये विवरण पहले से उनके आवेदन में ही थे ।
सिस्टम से जुड़े आलोचनात्मक मुद्दे
उन्होंने RTI प्रक्रिया में शामिल कई गंभीर बाधाओं को उजागर किया— जैसे केंद्रीय और राज्य RTI पोर्टल का असंगठित होना, लंबित आपीलों की संख्या व प्रतिक्रिया में देरी ।
RTI से जुड़ी प्रमुख समस्याएँ
गोपाल प्रसाद ने “third-party” जानकारी की बाध्यता, रिकॉर्ड की डिजिटलीकरण की कमी, और राज्य सूचना आयोगों में सूचना अधिकारियों की नियुक्ति में राजनीतिक पक्षपात जैसी व्यवस्थागत खामियों को रेखांकित किया है ।
सुधारों की मांग
उन्होंने RTI से संबंधित जागरूकता बढ़ाने, सस्ती और केंद्रीकृत प्रक्रिया लागू करने और सूचना अधिकारियों को योग्यता आधारित नियुक्त करने की वकालत की है
संक्षेप में गोपाल प्रसाद का व्यक्तित्त्व और योगदान
पहलू विवरण
सक्रियता और प्रतिबद्धता: दिल्ली से करीब 7,000 RTI आवेदन दाखिल—बड़ी संख्या और गंभीरता दर्शाते हैं
सूत्रधार: RTI कानून से जुड़ी प्रक्रियाओं, प्रवसादाओं, और बाधाओं को समझने में मदद करते हैं
सुधार की नींव: RTI प्रणाली को पारदर्शी, समान, और प्रभावी बनाने की दिशा में विचार और सुझाव प्रदान किए
https://youtu.be/0zFBkchPeRY?si=2udvFtL3-CHXltJi&sfnsn=wiwspmo
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