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मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं संघ की मर्यादा, नैतिकता, राजधर्म पर चिंतन हेतु संघ प्रमुख मोहन भागवत जी से मार्गदर्शन की अपेक्षा

---------- Forwarded message --------- From: Gopal Prasad Date: Fri, Sep 26, 2025, 11:10 PM Subject: मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं संघ की मर्यादा, नैतिकता, राजधर्म पर चिंतन हेतु मार्गदर्शन की अपेक्षा To: Cc: दिनांक: 26 सितंबर 2025 सेवा में, श्री मोहन भागवत जी सर्वश्रेष्ठ संघ चालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोलवलकर मार्ग, नागपुर, महाराष्ट्र विषय: मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं संघ की मर्यादा, नैतिकता, राजधर्म पर चिंतन हेतु मार्गदर्शन की अपेक्षा। आदरणीय श्री मोहन भागवत जी, सादर प्रणाम। आपकी अद्वितीय नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति आपकी निष्कलंक निष्ठा के लिए मैं सदा आभारी हूं। आप हमेशा समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए अपने विचार और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे हैं, यह हम सबके लिए एक प्रेरणा का स्रोत रहा है। आज मैं आपके समक्ष एक अत्यंत गंभीर विषय रख रहा हूं, जो वर्तमान में हमारे देश की राजनीति और शासन प्रणाली के भविष्य को लेकर उत्पन्न चिंताओं से जुड़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्ट...

बिहार में 1050 एकड़ भूमि मात्र ₹1 पर अडानी समूह को लीज पर देने की प्रक्रिया में मोदी सरकार द्वारा की गई जनहित की घोर उपेक्षा

______प्रेस विज्ञप्ति______ बिहार में 1050 एकड़ भूमि मात्र ₹1 पर अडानी समूह को लीज पर देने की प्रक्रिया में मोदी सरकार द्वारा की गई जनहित की घोर उपेक्षा भारत गठबंधन के राष्ट्रीय सह-संयोजक एवं आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद खटीक ने कहा “देश जानना चाहता है कि मोदी सरकार जनहित के बजाय अडानीहित को क्यों प्राथमिकता दे रही है? प्रधानमंत्री पद की शपथ में संविधान और राजधर्म का पालन करने का वचन दिया गया था, किंतु मोदीजी ने शपथ की गरिमा का घोर उल्लंघन किया है। उनका चाल, चरित्र और चेहरा अब पूरी तरह उजागर हो चुका है।” गोपाल प्रसाद खटीक ने महामहिम राष्ट्रपति और माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अपील की है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी गंभीर आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित के लिए नहीं, बल्कि उद्योगपति गौतम अडानी के हित साधने के लिए प्रधानमंत्री बने हैं। बिहार सरकार ने अडानी समूह को 1050 एकड़ भूमि मात्र ₹1 पर 33 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराई ...

एससी/एसटी बजट की पारदर्शिता और लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु वाराणसी में दो दिवसीय राष्ट्रीय रणनीति बैठक को संबोधित करेंगे दिल्ली के आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद

एससी/एसटी बजट की पारदर्शिता और लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु वाराणसी में दो दिवसीय राष्ट्रीय रणनीति बैठक को संबोधित करेंगे दिल्ली के आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद दलित और आदिवासी समुदायों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए नेशनल अलायंस फॉर सोशल जस्टिस (NASJ) की अगुवाई में दो दिवसीय राष्ट्रीय रणनीति बैठक 28-29 सितंबर 2025 को अंबेडकर शिक्षा समिति, सारनाथ, वाराणसी में आयोजित की जा रही है। बैठक में देश भर से सामाजिक न्याय के लिए काम करनेवाले साथी और 18 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। एससी/एसटी बजट की पारदर्शिता और लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु वाराणसी में दो दिवसीय राष्ट्रीय रणनीति बैठक के आयोजक मंडल के सदस्य अनूप श्रमिक के आमंत्रण पर दिल्ली के आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद भी संबोधित करेंगे। बैठक के प्रमुख अजेंडे में अगले एक साल का कार्ययोजना निर्धारण, बजट के लूट के सवाल को आम जनता तक पहुंचाना, बजट के हिस्सेदारी में लाभ सुनिश्चित करना, राष्ट्रीय कोर कमेटी की भूमिका और जिम्मेदारी तय करना, आर्थिक संसाधन जुटाना और राज्य स्तरीय कमेटियों का चयन एवं अन्य गतिविधियो...

हिंद क्रांति यात्रा* - *न्यायिक व्यवस्था में बदलाव के लिए*

*हिंद क्रांति यात्रा* - *न्यायिक व्यवस्था में बदलाव के लिए* *माननीय सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका फाइल करने के पूर्व न्याय व्यवस्था में सुधार चाहने वालों के सुझाव, सहयोग एवं आलोचना आमंत्रित।* *संविधान के अनुच्छेद 50, 141, 144,145 एवं अन्य अनुच्छेद* *अब नहीं सहेंगे सर्वोच्च न्यायालय का अपमान* *हजारों साल की तपस्या के बाद हजारों योनियों में भटकने के बाद मनुष्य मृत्यु लोक में जन्म लेता है। वह मृत्यु लोक में सुख शांति एवं ईच्छा लेकर जीवन जीता है और मनुष्य के जन्म एवं मरण की समय सीमा है पर न्यायालय में विवादों के निराकरण की कोई समय सीमा नहीं है। मनुष्य रिले रेस की तरह अपने वंशजों को आगे बढ़ाता है। कोई भी राष्ट्र दो तरह के लोगों से बनता है। एक अपनी सुविधा, सुरक्षा एवं आवश्यकता के लिए पे करता है (धन खर्च करता है)। दूसरा जो अपने जीवन यापन के लिए अपने श्रम का पारिश्रमिक प्राप्त करता है। अंग्रेजों द्वारा बनाई गई पूरी व्यवस्था बिना जवाबदेही के चलाई जाती थी , जो आज भी चल रही है।* *निर्णय के बजाय न्याय के सिद्धांत पर न्यायालयों के संचालन के लिए सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका अंग्रेज...

*न्यायिक सुधार (ज्यूडिशियल रिफॉर्म) से जुड़े ज्वलंत मुद्दे पर स्वतंत्र पत्रकार एवं आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद द्वारा "अखिल भारतीय हिंद क्रांति पार्टी" के राष्ट्रीय अध्यक्ष "श्री कमलेश त्रिपाठी" जी से लिए गए साक्षात्कार के मुख्य अंश*

*न्यायिक सुधार (ज्यूडिशियल रिफॉर्म) से जुड़े ज्वलंत मुद्दे पर स्वतंत्र पत्रकार एवं आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद द्वारा "अखिल भारतीय हिंद क्रांति पार्टी" के राष्ट्रीय अध्यक्ष "श्री कमलेश त्रिपाठी" जी से लिए गए साक्षात्कार के मुख्य अंश* *लक्ष्य : निर्णय के बजाय न्याय के सिद्धांत पर न्यायपालिका का संचालन* *हमारा प्रश्न : न्याय की कभी अपील नहीं होती। जिसकी अपील हो, वह अन्याय है और अन्याय करनेवाला व्यक्ति अपने नाम के सामने न्यायमूर्ति या न्यायाधीश कैसे लिख सकता है?* *दोहरा मापदण्ड : एक तरफ सुप्रीम कोर्ट कहता है कि विधि की अज्ञानता क्षम्य नहीं। प्रश्न उठता है कि क्या न्यायाधीश वकील और जांच एजेंसियों को विधि की अज्ञानता से मुक्त रखा गया है?* वर्तमान स्थिति : न्यायिक प्रक्रिया की पूरी संरचना निर्णय,अपील, कोर्ट फीस, नो पर्सनल लाइबिलिटी के आधार पर चल रही है।* *हमारा मिशन : यदि इसे न्याय के सिद्धांत पर चलाएं तो 50% मुकदमे स्वत खत्म हो जाएंगे।* *कोर्ट फीस : सन 1870 से न्याय का व्यापार जो आज भी चल रहा है, यदि उसे समाप्त कर दिया जाए, तो विवादों का निराकरण शीघ्र होने लगेगा।...

अन्य लोकसभा क्षेत्र एवं 77 वाराणसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन प्रणाली के नियमों में असमानता, मनमानीपूर्ण नियम अपनाए जाने के कारण निर्वाचन अधिकारी एवं चुनाव प्रेक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने के संबंध में की गई मांग

---------- Forwarded message --------- From: Gopal RTI Date: Tue, May 14, 2024, 9:28 PM Subject: अन्य लोकसभा क्षेत्र एवं 77 वाराणसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन प्रणाली के नियमों में असमानता, मनमानीपूर्ण नियम अपनाए जाने के कारण निर्वाचन अधिकारी एवं चुनाव प्रेक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने के संबंध में। To: दिनांक : 14.05.2024 सेवा में, श्रीमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त महोदय, भारत निर्वाचन आयोग, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001 विषय: अन्य लोकसभा क्षेत्र एवं 77 वाराणसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन प्रणाली के नियमों में असमानता, मनमानीपूर्ण नियम अपनाए जाने के कारण निर्वाचन अधिकारी एवं चुनाव प्रेक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन यह है कि समान नागरिक अधिकार के मूल कर्तव्य एवं मताधिकार तथा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के विपरीत उम्मीदवार की अहर्ताएं योग्यताएं, चालान फार्म लेने के लिए भी दस प्रस्तावकों को लाने की अनिवार्यता और ...

RSS’s stance is often symbolic—aimed at maintaining a balanced public image, while retaining influence over the BJP behind the scenes: Gopal Prasad

RSS’s stance is often symbolic—aimed at maintaining a balanced public image, while retaining influence over the BJP behind the scenes: Gopal Prasad 1. The Core Basis of RSS Ideology Establishment (1925, Dr. Keshav Baliram Hedgewar): The foundational ideology of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) rests on Hindu nationalism. Key Ideas: India is a Hindu nation (culturally, not legally). Concept of one culture, one nation. Emphasis on discipline, patriotism, and social organization. Golwalkar Era (1930–1973): In “We or Our Nationhood Defined” (1939), Muslims and Christians were described as “foreign elements.” This invited allegations of communalism against the RSS. --- 2. Reasons for Change in RSS Ideology The RSS has altered its words and priorities according to time and political needs: From opposition to the Constitution → Acceptance of the Constitution: Initially objected to the Constitution and the tricolor, later accepted them. From cultural nationalism → inclusive...