संदेश

Request for consolidated count of healthcare‑worker Covid deaths in Delhi

---------- Forwarded message --------- From: Gopal Prasad Date: Sun, May 10, 2026, 12:39 PM Subject: Request for consolidated count of healthcare‑worker Covid deaths in Delhi To: To, Directorate General of Health Services (DGHS), Government of NCT of Delhi, F-17, Karkardooma, Delhi - 110032. Subject: Request for consolidated count of healthcare‑worker Covid deaths in Delhi Dear Sir / Madam, I am writing to request an official, consolidated count of healthcare‑worker deaths due to Covid‑19 in the National Capital Territory of Delhi. I require this information for research/documentation and to ensure accurate recognition of those who lost their lives in service. Please provide the following, with the date through which the data are current: • Total number of Covid‑related deaths among healthcare workers in Delhi. • Breakdown by category: doctors; nurses; allied health professionals/paramedics; support and ancillary staff. • Date range covered by the count. • Source and met...

मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, ममता, करुणा, संरक्षण और जीवन-संस्कारों की जीवंत प्रतिमूर्ति है

मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, ममता, करुणा, संरक्षण और जीवन-संस्कारों की जीवंत प्रतिमूर्ति है। भारतीय संस्कृति में मां का स्थान सर्वोच्च माना गया है। हमारे यहां मातृत्व केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि प्रत्येक दिन श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का विषय है। आज जिस प्रकार “मदर्स डे” को व्यापक रूप से मनाया जाता है, वह पाश्चात्य परंपरा का प्रभाव अवश्य हो सकता है, किंतु भारतीय संस्कृति में तो “मातृ देवो भव” का संदेश प्राचीन काल से ही हमारे जीवन मूल्यों का अभिन्न अंग रहा है। नवरात्रि में हम मातृशक्ति की आराधना करते हैं तथा “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” का उद्घोष हमारी सांस्कृतिक चेतना को प्रतिबिंबित करता है। “मां” शब्द सुनते ही वात्सल्य, संवेदना, सुरक्षा, पालन-पोषण, त्याग और निस्वार्थ प्रेम का भाव स्वतः मन में जागृत हो उठता है। भारतीय चिंतन में केवल जन्म देने वाली माता ही नहीं, बल्कि धरती माता, प्रकृति माता एवं गौ माता भी पूजनीय मानी गई हैं। यह हमारी संस्कृति की व्यापक मानवीय दृष्टि का परिचायक है। हिंदी सिनेमा की कालजयी फिल्म Mother India में Nargis द्वारा निभाई गई मां की भ...

*पिंडरा वाराणसी निवासी प्रताप सोनकर की सुपुत्री "श्रुति सोनकर" ने स्वर्ण पदक जीतकर खटीक समाज का नाम रोशन किया। 25 से 27 अप्रैल तक लखनऊ के बाबू के डी सिंह स्टेडियम में आयोजित प्रादेशिक कराटे प्रतियोगिता में भाग लेगी "श्रुति सोनकर"*

*कराटे : गौराकला में खेली गई जिलास्तरीय कराटे प्रतियोगिता में 400 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम* *बालकों से ज्यादा बालिका कराटे में सर्वाधिक 45 खिलाड़ी* *जिला कराटे एसोसिएशन की ओर से जिलास्तरीय चैंपियनशिप 14 अप्रैल 2026 को गौराकला स्थित सेंट के सी स्कूल में खेली गई। इसमें जिले के 23 क्लबों और स्कूलों के 400 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें से 87 खिलाड़ियों का चयन प्रादेशिक कराटे प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इसमें 45 बालिका 42 बालक काता और कुमिते की स्पर्धा में खेलेंगे। जिला कराटे संघ के सचिव दिलीप सैनी ने बताया कि यह प्रादेशिक कराटे प्रतियोगिता 25 से 27 अप्रैल तक लखनऊ के बाबू के डी सिंह स्टेडियम में खेली जाएगी।इस मौके पर गत वर्ष की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतनेवाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया। इसमें जूनियर वर्ग की खुशी यादव और सब जूनियर वर्ग की खुशी प्रजापति को साईकिल, अवंतिका सिंह को खेल किट दी गई। इसके अलावा अनंत गुप्ता, लक्ष्य भारद्वाज अलख यादव आदि को पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि समाजसेवी सौरभ पाठक ने खिलाड़ियों से परिचय लेकर खेल शुरु कराया। इस मौके पर डॉ प्रमोद याद...

उत्तराखंड की देशी नस्ल “बद्री गाय” पर वैज्ञानिक एवं सर्वेक्षण

उत्तराखंड की देशी नस्ल “बद्री गाय” पर वैज्ञानिक एवं सर्वेक्षण 1. प्रस्तावना उत्तराखंड की पर्वतीय परिस्थितियों में पाई जाने वाली देशी गाय “बद्री गाय” राज्य की पहली आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त स्वदेशी नस्ल है, जिसे वर्ष 2016 में पंजीकृत किया गया। यह नस्ल मुख्यतः कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में पाई जाती है तथा स्थानीय कृषि, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 2. उत्पत्ति एवं भौगोलिक वितरण बद्री गाय का नाम उत्तराखंड के पवित्र धाम “बद्रीनाथ” से लिया गया है। यह नस्ल केवल उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से विकसित हुई है और कठिन जलवायु एवं ऊबड़-खाबड़ भूभाग में जीवित रहने की अद्भुत क्षमता रखती है। 3. शारीरिक एवं जैविक विशेषताएँ शरीर आकार: छोटा एवं सुदृढ़ वजन: लगभग 200–250 किलोग्राम रंग: काला, भूरा, लाल, सफेद या धूसर सींग: ऊपर की ओर मुड़े हुए (terrain adaptation में सहायक) जलवायु सहनशीलता: अत्यधिक (ठंडे व दुर्गम क्षेत्रों के लिए अनुकूल) वैज्ञानिक अध्ययनों में इसके रक्त एवं जैव-रासायनिक मानकों को भी स्थापित किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता...

Request for Formation of SEIAA/SEAC, Uttrakhand in Public Interest.

---------- Forwarded message --------- From: Gopal Prasad Date: Thu, Apr 2, 2026, 9:26 AM Subject: Request for Formation of SEIAA/SEAC, Uttrakhand in Public Interest. To: To, Shri Tanmay Kumar(IAS) The Secretary, Ministry of Environment, Forest and Climate Change(MoEFCC) Govt. Of India, Indira Priyadarshani Complex, Jorbag Road, New Delhi-110023 Ph: 011-20819308 Email: secy-moef@nic.in Subject - Request for Formation of SEIAA/SEAC, Uttrakhand in Public Interest. Esteemed Sir, Kindly refer to the subject. it is regretfully intimated to your goodself that w. e f Oct, 2025 and onwards, due to not reconstituting of SEIAA / SEAC for Uttrakhand state, most of the development Projects are hereby hampered and Pending. Environment Clearance is the prime part for Execution of any developmental projects, as such, on priority basis, SEIAA / SEAC may please be Costitituted for Uttrakhand in Public interest on urgent basis. Your immediate actions in this regards wi...

आईटी नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के विरुद्ध विस्तृत एवं प्रभावी आपत्ति

---------- Forwarded message --------- From: Gopal Prasad Date: Thu, Apr 2, 2026, 2:59 PM Subject: आईटी नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के विरुद्ध विस्तृत एवं प्रभावी आपत्ति (Representation Draft) To: आईटी नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के विरुद्ध विस्तृत एवं प्रभावी आपत्ति (Representation Draft) सेवा में, माननीय सचिव महोदय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली विषय: आईटी नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में आपत्ति एवं सुझाव महोदय, सविनय निवेदन है कि केंद्र सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों का मसौदा सार्वजनिक किया गया है। उक्त संशोधन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया मध्यस्थों तथा ऑनलाइन समाचार एवं समसामयिक सामग्री से जुड़े प्रकाशकों के लिए व्यापक प्रभाव उत्पन्न करने वाले हैं। प्रस्तावित संशोधनों का गंभीर अध्ययन करने के उपरांत निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से अपनी आपत्तियाँ एवं चिंताएँ प्रस्तुत की जा रही हैं: 1. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1...

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में आपत्ति एवं सुझाव

---------- Forwarded message --------- From: Gopal Prasad Date: Thu, Apr 2, 2026, 2:52 PM Subject: सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में आपत्ति एवं सुझाव To: , सेवा में, श्री अश्विनी वैष्णव जी माननीय मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) माननीय मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय विषय: सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में आपत्ति एवं सुझाव महोदय, सविनय निवेदन है कि केंद्र सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों का मसौदा जारी किया गया है, जिस पर 14 अप्रैल तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इस संदर्भ में निम्नलिखित तथ्यपरक विश्लेषण एवं सुझाव आपके समक्ष प्रस्तुत हैं: 1. सेफ हार्बर (Safe Harbour) प्रावधान पर प्रभाव आईटी एक्ट, 2000 की धारा 79 के अंतर्गत मध्यस्थ (Intermediaries) को ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा प्रदान की गई है, जिससे वे यूजर-जनित कंटेंट के लिए सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराए जाते, बशर्ते वे निर्धारित नियमों का पालन करें। प्रस्तावित संशोधन में इस सुरक्षा...