आईटी नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के विरुद्ध विस्तृत एवं प्रभावी आपत्ति

---------- Forwarded message --------- From: Gopal Prasad Date: Thu, Apr 2, 2026, 2:59 PM Subject: आईटी नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के विरुद्ध विस्तृत एवं प्रभावी आपत्ति (Representation Draft) To: आईटी नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के विरुद्ध विस्तृत एवं प्रभावी आपत्ति (Representation Draft) सेवा में, माननीय सचिव महोदय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली विषय: आईटी नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में आपत्ति एवं सुझाव महोदय, सविनय निवेदन है कि केंद्र सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों का मसौदा सार्वजनिक किया गया है। उक्त संशोधन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया मध्यस्थों तथा ऑनलाइन समाचार एवं समसामयिक सामग्री से जुड़े प्रकाशकों के लिए व्यापक प्रभाव उत्पन्न करने वाले हैं। प्रस्तावित संशोधनों का गंभीर अध्ययन करने के उपरांत निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से अपनी आपत्तियाँ एवं चिंताएँ प्रस्तुत की जा रही हैं: 1. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की मूल आत्मा है। प्रस्तावित संशोधन, विशेषकर कंटेंट हटाने और नियंत्रण से संबंधित प्रावधान, इस मौलिक अधिकार को अप्रत्यक्ष रूप से सीमित कर सकते हैं। इससे नागरिकों में आत्म-सेंसरशिप (Self-censorship) की प्रवृत्ति बढ़ने की आशंका है। 2. “सेफ हार्बर” सुरक्षा का कमजोर होना आईटी अधिनियम की धारा 79 के अंतर्गत इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स को जो सुरक्षा प्राप्त है, उसे प्रस्तावित संशोधनों द्वारा सीमित किया जाना चिंता का विषय है। यदि प्लेटफॉर्म्स को हर कंटेंट के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा, तो वे अत्यधिक सतर्कता के नाम पर वैध अभिव्यक्ति को भी हटाने लगेंगे, जिससे डिजिटल स्पेस में खुलापन कम हो जाएगा। 3. सरकारी नियंत्रण एवं विवेकाधिकार में अत्यधिक वृद्धि: प्रस्तावित नियमों के तहत सरकार को सीधे हस्तक्षेप एवं कार्रवाई की व्यापक शक्तियाँ प्रदान की जा रही हैं। यह व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही एवं न्यायिक संतुलन के सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होती है, क्योंकि इसमें स्वतंत्र नियामक या न्यायिक निगरानी का अभाव है। 4. डिजिटल मीडिया एवं स्वतंत्र पत्रकारिता पर खतरा ऑनलाइन न्यूज पोर्टल्स एवं स्वतंत्र पत्रकारों पर इन नियमों का सीधा प्रभाव पड़ेगा। इससे वैकल्पिक मीडिया, खोजी पत्रकारिता तथा सरकार की नीतियों की आलोचना करने वाले प्लेटफॉर्म्स पर दबाव बढ़ सकता है, जो लोकतांत्रिक विमर्श को सीमित करेगा। 5. अस्पष्ट एवं व्यापक परिभाषाएँ : कई प्रावधानों में प्रयुक्त शब्दावली जैसे “आपत्तिजनक” , “भ्रामक”, “हानिकारक” आदि अत्यधिक व्यापक एवं अस्पष्ट हैं। इससे नियमों का मनमाना उपयोग संभव हो सकता है, जो विधिक निश्चितता (Legal Certainty) के सिद्धांत के विपरीत है। 6. न्यायिक प्रक्रिया के स्थान पर प्रशासनिक आदेश कंटेंट हटाने या अकाउंट ब्लॉक करने जैसी गंभीर कार्रवाइयाँ बिना उचित न्यायिक प्रक्रिया के केवल प्रशासनिक आदेशों के आधार पर की जा सकती हैं, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। निवेदन एवं सुझाव उपरोक्त तथ्यों के आलोक में, निम्नलिखित सुझाव विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत हैं: प्रस्तावित संशोधनों को लागू करने से पूर्व व्यापक जन-सुनवाई एवं बहु-हितधारक परामर्श (Multi-stakeholder consultation) किया जाए। “सेफ हार्बर” प्रावधान को यथावत रखते हुए संतुलित जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। कंटेंट मॉडरेशन से संबंधित निर्णयों के लिए एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष नियामक तंत्र स्थापित किया जाए। अस्पष्ट प्रावधानों को स्पष्ट, संकीर्ण एवं न्यायसंगत परिभाषाओं के साथ पुनः तैयार किया जाए। किसी भी दंडात्मक या प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से पूर्व न्यायिक स्वीकृति अनिवार्य की जाए। डिजिटल मीडिया की स्वतंत्रता एवं विविधता को संरक्षित करने हेतु विशेष सुरक्षा प्रावधान जोड़े जाएँ। निष्कर्ष: डिजिटल युग में इंटरनेट केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद का प्रमुख मंच बन चुका है। अतः ऐसे किसी भी विधिक संशोधन में संतुलन, पारदर्शिता एवं नागरिक स्वतंत्रता का संरक्षण सर्वोपरि होना चाहिए। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपर्युक्त आपत्तियों एवं सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए प्रस्तावित संशोधनों में आवश्यक संशोधन/पुनर्विचार किया जाए। सधन्यवाद, भवदीय, गोपाल प्रसाद खटीक (आरटीआई सेवक) राष्ट्रीय सह संयोजक, भारत गठबंधन मकान नंबर-12, प्रथम तल, गली नंबर-5, चंदर विहार, निकट बालकनाथ मंदिर, आई.पी. एक्सटेंशन, नई दिल्ली–110092 मोबाईल: 9910341785,8178949704 Email: sampoornkranti2025@gmail.com स्थान: नई दिल्ली दिनांक: 02.04.2026

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