टोल और सड़क कर बढ़े, NHAI की देनदारियाँ भी बढ़ीं—फिर भी सड़कें बदहाल क्यों?
टोल और सड़क कर बढ़े, NHAI की देनदारियाँ भी बढ़ीं—फिर भी सड़कें बदहाल क्यों?
NHAI के टोल राजस्व, कर्ज, परियोजना लागत और रखरखाव खर्च की 2014-15 से 2025-26 तक स्वतंत्र जांच एवं CAG Performance/ Compliance Audit की मांग
नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026
राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार बढ़ते टोल/यूजर फीस, सड़क संबंधी कर एवं सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों के बावजूद अनेक स्थानों पर सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढे, जल निकासी की समस्या, सर्विस रोड की बदहाली और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर गंभीर सार्वजनिक सवाल उठ रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर गोपाल प्रसाद (RTI सेवक) ने माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अध्यक्ष तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) को संयुक्त ज्ञापन-सह-शिकायत भेजकर वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक NHAI की वित्तीय स्थिति, टोल राजस्व, ऋण/देनदारियों, परियोजना व्यय, asset monetisation तथा road maintenance expenditure की स्वतंत्र एवं रिकॉर्ड-आधारित जांच की मांग की है।
मुख्य सवाल—जनता के पैसे का उपयोग कहां हो रहा है?
गोपाल प्रसाद ने कहा कि यह शिकायत किसी व्यक्ति या संस्था पर पूर्व-निर्धारित रूप से भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन की पारदर्शिता, रिकॉर्ड-आधारित सत्यापन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
उन्होंने सवाल उठाया—
“जब सड़क उपयोगकर्ताओं से लगातार टोल/यूजर फीस वसूली जा रही है और राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए बजटीय तथा अन्य सार्वजनिक वित्तीय संसाधन भी उपलब्ध हैं, तो अनेक राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों पर सड़क की गुणवत्ता और maintenance की स्थिति अपेक्षित स्तर पर क्यों नहीं है?”
NHAI के कर्ज और वित्तीय दायित्वों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग
ज्ञापन में NHAI की 2014-15 से 2025-26 तक की outstanding liabilities/debt का वर्षवार सत्यापन कराने, market borrowings एवं repayment का विवरण जांचने तथा loans पर दिए गए interest और refinancing/swapping से जुड़े वित्तीय प्रभावों की समीक्षा कराने की मांग की गई है।
साथ ही यह भी जांचने की मांग की गई है कि—
वर्षवार कितना toll/user-fee revenue एकत्र हुआ?
इस राशि का वास्तविक उपयोग किन मदों में हुआ?
toll revenue का कितना हिस्सा plough-back हुआ?
Union Budget से NHAI को कितनी राशि प्राप्त हुई?
Asset Monetisation/TOT/InvIT से कितनी राशि प्राप्त हुई और उसका उपयोग कैसे हुआ?
परियोजना-वार sanctioned cost, revised cost और actual expenditure कितना रहा?
लागत वृद्धि तथा change-of-scope किन कारणों से हुए?
maintenance पर वर्षवार कितना खर्च किया गया?
debt servicing में कितनी राशि गई?
क्या किसी परियोजना में avoidable expenditure अथवा financial irregularity हुई?
खराब सड़कों के बावजूद टोल वसूली पर सवाल
ज्ञापन में विशेष रूप से उन highway stretches की पहचान और स्वतंत्र technical inspection कराने की मांग की गई है जहां सड़क की स्थिति खराब होने के बावजूद toll collection जारी रहने की शिकायतें हैं।
इसके अलावा यह जांचने का अनुरोध किया गया है कि संबंधित concession agreements, toll rules, maintenance obligations और contractual conditions का पालन हो रहा है या नहीं।
यदि किसी परियोजना में deficient work, contractual violation, maintenance failure अथवा recoverable financial loss पाया जाता है तो संबंधित contractor/concessionaire की contractual responsibility तय कर penalty, liquidated damages, performance security अथवा अन्य वैधानिक देय राशि की वसूली कराने की मांग की गई है।
CAG से विशेष Performance/Compliance Audit की मांग
ज्ञापन में भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक से निम्न व्यापक विषय पर विशेष audit कराने का अनुरोध किया गया है—
“NHAI – Toll Revenue, Borrowings, Debt Servicing, Project Expenditure, Maintenance Expenditure, Asset Monetisation and Road Quality: 2014-15 onwards.”
प्रस्तावित audit में यह भी जांचने की मांग की गई है कि पूर्व में CAG द्वारा NHAI की toll operations और highway projects से संबंधित उठाई गई audit observations पर वास्तविक रूप से कितनी compliance हुई है।
परियोजना लागत और सड़क की वर्तमान स्थिति का तुलनात्मक ऑडिट
गोपाल प्रसाद ने मांग की है कि प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए एक सार्वजनिक “Cost–Expenditure–Condition” comparative assessment तैयार किया जाए, जिसमें कम-से-कम—
Sanctioned Cost → Revised Cost → Actual Expenditure → Maintenance Expenditure → वर्तमान सड़क की भौतिक स्थिति
का तुलनात्मक विवरण उपलब्ध कराया जाए।
उनका कहना है कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसी परियोजना पर स्वीकृत राशि और वास्तविक खर्च में कितना अंतर आया तथा उस खर्च के अनुरूप सड़क की वर्तमान गुणवत्ता और उपयोगिता कैसी है।
रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की भी मांग
ज्ञापन में संबंधित अधिकारियों से मूल financial records, project files, tender documents, concession agreements, toll collection records, inspection reports, audit records और digital records को सुरक्षित रखने की मांग की गई है, ताकि जांच के दौरान आवश्यक अभिलेख उपलब्ध रहें और रिकॉर्ड में किसी प्रकार के alteration या destruction की संभावना न रहे।
सार्वजनिक disclosure और Action Taken Report की मांग
गोपाल प्रसाद ने मांग की है कि NHAI की वित्तीय एवं परियोजना संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी को अधिकतम संभव सीमा तक suo motu disclosure के माध्यम से सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच/कार्रवाई पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता को Action Taken Report (ATR) उपलब्ध कराई जाए तथा यदि किसी बिंदु पर संबंधित अधिकारी का jurisdiction नहीं है तो शिकायत को सक्षम प्राधिकारी को transfer करके इसकी सूचना शिकायतकर्ता को दी जाए।
“आरोप नहीं, रिकॉर्ड आधारित जवाबदेही चाहिए”
गोपाल प्रसाद ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा संस्था की प्रतिष्ठा को प्रभावित करना नहीं है।
उन्होंने कहा—
“हमारा सवाल सीधा है—जनता से प्राप्त टोल, कर, बजटीय सहायता और अन्य सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों का उपयोग किस प्रकार हुआ? उसका प्रमाणित रिकॉर्ड जनता के सामने होना चाहिए। यदि रिकॉर्ड में कोई वित्तीय, प्रशासनिक या तकनीकी अनियमितता सामने आती है तो कानून के अनुसार जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग केवल परिवहन का माध्यम नहीं बल्कि करदाताओं और सड़क उपयोगकर्ताओं के सार्वजनिक धन से निर्मित राष्ट्रीय संपत्ति हैं। इसलिए इनके निर्माण, रखरखाव, टोल वसूली, ऋण प्रबंधन और परियोजना व्यय में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना जनहित का महत्वपूर्ण विषय है।
प्रमुख मांगें
संयुक्त ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्न मांगें रखी गई हैं—
वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक NHAI की debt/liability की स्वतंत्र समीक्षा।
वर्षवार toll/user-fee revenue और उसके उपयोग का सत्यापन।
Budgetary support, asset monetisation, TOT/InvIT एवं अन्य वित्तीय स्रोतों का audit।
Project-wise sanctioned, revised एवं actual expenditure की जांच।
Maintenance expenditure और सड़क की वर्तमान स्थिति का तुलनात्मक assessment।
खराब सड़क वाले highway stretches की स्वतंत्र technical inspection।
Toll collection की statutory एवं contractual conditions की समीक्षा।
Contractors/concessionaires की contractual responsibility निर्धारित करना।
Penalty, damages एवं recoverable government dues की वसूली।
NHAI के borrowings, interest burden और debt servicing की समीक्षा।
PPP/BOT/HAM/EPC projects की वित्तीय एवं contractual performance की जांच।
पूर्व CAG audit observations की compliance का परीक्षण।
CAG द्वारा विशेष Performance/Compliance Audit पर विचार।
महत्वपूर्ण financial/project records का preservation।
जांच के बाद Action Taken Report सार्वजनिक/शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराना।
गोपाल प्रसाद (RTI सेवक) ने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित व्यक्तियों/एजेंसियों की जिम्मेदारी निर्धारित कर सरकारी धन की recovery तथा लागू कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जारीकर्ता:
गोपाल प्रसाद (RTI सेवक)
244/78, तृतीय तल, गली नंबर-7, स्कूल ब्लॉक,
निकट तालाब चौक, मंडावली, नई दिल्ली–110092
मोबाइल: 09910341785 / 08178949704
ई-मेल: sampoornkranti2025@gmail.com
स्थान: नई दिल्ली
दिनांक: 12.08.2026
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