संकल्प से सिद्धि: अरावली गुरुकुल आश्रम, जोधपुर

संकल्प से सिद्धि: अरावली गुरुकुल आश्रम, जोधपुर एक प्रश्न दिमाग को झंझोड़ता रहा है कि आज के युवा वर्ग की जो सोच है वह ज्यादातर भौतिक वस्तुओं, मौज मस्ती, सैर सपाटों की ओर ही चलती है। क्या वे कभी सामाजिक सेवा के विषय में भी सोचते हैं? उत्तर प्रायः नहीं में ही मिलता है, क्योंकि उन्हें अपने कैरियर की चिंता ज्यादा है। इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन इस वर्ग के लोगों के मन में यदि समाज के प्रति कोई जिम्मेदारी का अहसास जगा ही नहीं तो भविष्य में अपने समाज अपने देश इत्यादि के विषय में कौन सोचेगा? क्या इनकी सोच अपने परिवार तक ही सिमट कर रह जाएगी? हमारे जीवन में भी अनेक प्रकार की समस्या रही पर हमने हमेशा उसका डटकर सामना किया। साथ ही बचपन से ही शिक्षक पिता के मार्गदर्शन में सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कालांतर में अनेक सामाजिक संस्थाओं से जुड़े और सक्रिय रहे। हमारा मानना है कि अपने जीवन का उद्देश्य सिर्फ धन अर्जित करना ही नहीं है, बल्कि समाज के प्रति भी हमारा उत्तरदायित्व है और सभी को अपने जीवन में स्वयं और समाज के प्रति संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता है। कई महापुरुषों एवं विशेषज्ञों से प्रेरणा पाकर हमारे मन में विचार आया कि पहले तय करें कि हमें किन विषयों एवं मुद्दों पर कार्य करना चाहिए। "समथिंग न्यू, समथिंग डिफरेंट, समथिंग इफेक्टिव" की अवधारणा को आत्मसात करते हुए "एक साधे, सब सधै" की मूल भावना को साकार करने हेतु राजस्थान में जोधपुर जिले के बिलाड़ा तहसील के कापेड़ा (कापरदा) गाँव स्थित अरावली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट,अरावली गुरुकुल में शिक्षा के माध्यम से संपर्क, समन्वय, संवाद, सहयोग और सहकार के मूलमंत्र से समाज के सर्वांगीण विकास एवं समग्र परिवर्तन को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया है। हमें आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि हमारी विशेषज्ञ टीम इस केंद्र के माध्यम से शिक्षा, पलायन, स्किल डेवलपमेंट, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, नौकरी, रोजगार, स्व रोजगार, स्वास्थ्य, नेचुरोपैथी,आयुर्वेदिक चिकित्सा, योगा ट्रेनर, अल्टरनेट थेरेपी, प्रकृति केंद्रित विकास, जैविक खेती, ऑर्गेनिक उत्पाद, ग्रीन मॉल, अरावली, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण की समस्या का निराकरण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, बागवानी, गौशाला प्रबंधन, पंचगव्य, सहकारिता, परिवार, नैतिक मूल्य, नैतिक शिक्षा, वैदिक सभ्यता संस्कृति, गौ आधारित कृषि व्यवस्था, सामाजिक न्याय, संविधान जन जागरूकता, अधिकार एवं कर्तव्य, सरकारी विभागों की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराना एवं उससे संबंधित नीति, नियमावली, प्रक्रिया की जानकारी देकर योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करना। आरटीआई आदि महत्वपूर्ण विषयों पर "जैविक भारत को-ऑपरेटिव अभियान" से एक करोड़ लोगों को जोड़कर राष्ट्रव्यापी गुणात्मक परिवर्तन साकार करने का अवसर प्राप्त होगा। स्थानीय लोगों की सहभागिता एवं स्वतः स्फूर्त भावना से ही आदर्श ग्राम, ग्राम स्वराज, स्व रोजगार, स्वदेशी, स्वाभिमान, स्वाबलंबन अभियान से परिवर्तन अवश्यंभावी है। अनेक संस्थाओं में व्यक्तियों के ऐसे उदाहरण हैं जिन्होंने संकल्प से सिद्धि को साकार कर दिखाया है। हमें ऐसे अपवादियों को जोड़ना है और उन्हें सम्मानित करना है। उनके नेतृत्व में उनसे सीखकर गांव के कच्चे उत्पादों को गांव में पक्के माल के रूप में परिवर्तित करना है। विशेष रूप से गांव के सरपंच, प्रधान, मुखिया, जागरूक नागरिक, बेरोजगार युवा के साथ मिलकर स्थानीय समस्याओं के निराकरण में जन सहयोग से बदलाव लाया जा सकता है। जब अन्ना हजारे जी ने महाराष्ट्र के अहमदनगर (अहिल्या नगर) जिले के रालेगांव सिद्धि गांव को आदर्श गांव में परिवर्तित कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते? इसी सोच से प्रभावित होकर हमने कापेड़ा गांव को गोद लेने का प्रण किया है। इस संदर्भ में आपके आपके सुझाव, मार्गदर्शन, सहयोग और समर्थन अपेक्षित है। Our campus is bank on Jodhpur-Jaipur National Highway-25 (Old 112), around 46 km from Jodhpur. It's GPS location is Aravali Institute of Management 94133 19922 https://maps.app.goo.gl/Ex3TVEMVh2KNGGwG9 निवेदक/प्रस्तोता: गोपाल प्रसाद खटीक (आरटीआई सेवक) दिल्ली/वाराणसी मोबाईल: 7678261884, 9910341785 वॉट्सऐप: 9910341785, 8178949704 Email: sampoornkranti2025@gmail.com Blog: www.sampoorn-kranti.blogspot.com

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आरएसएस के किसी भी राष्ट्रीय प्रवक्ता ने तो एक शब्द भी नहीं बोला पीएम या पीएमओ को मैच के विरोध में

वर्ष 2014 के बाद प्रशासनिक निर्णयों, फाइल-नोटिंग्स और संभावित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग

क्या इस देश के नागरिक को गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए भी प्रशासन से इजाजत लेने की आवश्यकता है? : गोपाल प्रसाद खटीक आरटीआई सेवक