अंतरराष्ट्रीय गौ महाकुंभ, BHU वाराणसी दिनांक: 14-15-16 मार्च 2026

अंतरराष्ट्रीय गौ महाकुंभ, BHU वाराणसी दिनांक: 14-15-16 मार्च 2026 दिनांक: 14-15-16 मार्च 2026 को प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय गौ महाकुंभ जो BHU वाराणसी के प्रांगण में आयोजित किया जाना है, की तैयारी बैठक नवीन सर्किट हाउस वाराणसी के कॉन्फ्रेंस हॉल में 22फरवरी 2026 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुझे भी शामिल होने का सुअवसर प्राप्त हुआ। इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता जी ने की। कार्यक्रम संयोजक श्री धनंजय ओझा (CA) ने इस बैठक में गायत्री परिवार, गौ सेवा आयोग, RSS, विश्व हिंदू महासंघ, सुरभि शोध संस्थान, काशी जीव दया विस्तारणी गौशाला, भाजपा किसान मोर्चा, वाराणसी व्यापार मंडल, वैदिक भारत स्वास्थ्य मिशन आदि संगठनों को आमंत्रित किया था। RSS के गौ सेवा प्रकल्प से जुड़े श्री नागेश उपाध्याय जी को स्वयंसेवक/वालंटियर, श्री मनीष सिंहा जी को आवास एवं परिवहन, श्री राहुल सिंहा जी को तीन दिन का भोजन नाश्ता चाय पानी, श्री रमेश सिंह जी को स्टॉल पंजीकरण, वैष्णवी महिला शक्ति ट्रस्ट (7000 विधवा महिलाओं की संस्था) की संस्थापिका श्रीमती लीना भारद्वाज जी को 500 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था, श्री गोपाल प्रसाद को स्मारिका और गौ प्रश्नावली/गौ क्विज, सुरभि शोध संस्थान को भोजन एवं आवास की व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी दी गई। महिला स्वयं सहायता समूह की ट्रेनर श्रीमती सुमन देवी, श्रीमती श्रुति सिंह, डॉ शिवेंद्र सिंह, श्री गंगाधर उपाध्याय,एडवोकेट श्री रुद्र कुमार पाठक, श्री सूर्य कुमार पाठक, श्री जटाशंकर जी ने भी भरपूर सहयोग करने का वचन दिया। नवाचार (जीवामृत, धनामृत), वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम, सुरक्षा, स्वागत एवं प्रोटोकॉल, प्रायोजक मार्केटिंग, साहित्य एवं प्रकाशन, स्टॉल पंजीकरण, लॉजिस्टिक, स्वच्छता एवं पर्यावरण समिति, डॉक्यूमेंटेशन एवं मीडिया, भारतीय कला संस्कृति से संबंधित कार्यक्रम, गौ विज्ञान परीक्षा, गोबर का गमला एवं गोबर की मूर्ति, गोबर के दीप, गौ काष्ठ, गौ आधारित प्राकृतिक खेती करनेवाले किसान एवं मॉडल सम्मान, स्किल डेवलपमेंट, जीवामृत, धनामृत, मल्टी लेयर फॉर्मिंग, देशी गौवंश नस्ल सुधार, एक दिन का पूरा कार्यक्रम गौशाला पर, भारतवर्ष की सफल गौशाला, जड़ी बूटी, देशी बीज का स्टॉल, मिशन मोरिंगा, जल संरक्षण, गौ संवर्धन, निराश्रित गायों से संबंधित कार्यक्रम, गौशाला प्रकल्प से परिवर्तन, गोबर गैस संयंत्र, बायोगैस एनर्जी, गोबर और कचरे से गैस एवं बिजली आदि विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हम सबको इस अंतरराष्ट्रीय गौ महाकुंभ के अंतरराष्ट्रीय प्रचार प्रसार के साथ साथ कितने देश के कितने लोग आएंगे, उनकी क्या भूमिका हो सकती है, के बारे में सुविचारित योजना बनानी होगी। इसके साथ ही गौवंश को हरा चारा उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने (कैटल फूड सिक्योरिटी), पंचगव्य उत्पाद की मार्केटिंग, कार्यक्रम की व्यवस्था हेतु 28 लाख रुपए की अनुमानित बजट हेतु सभी से सहयोग का आग्रह किया। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता जी ने कहा "गावो विश्वस्य मातर:" गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग का कोई मतलब नहीं है। गाय राष्ट्र की ही मां नहीं बल्कि गाय विश्व की मां है। इस कार्यक्रम में डॉ आलोक, डॉ गुरु प्रसाद(IIT/BHU) श्री गोपाल भाई सुतारिया, श्री भरत राजपुरोहित, प्राकृतिक खेती विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर को विशेष रूप से आमंत्रित करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य एवं थीम "बच्चों की थाली में जहरमुक्त भोजन", बच्चे पीएंगे गाय का दूध का नारा दिया। इसके साथ ही राजनीतिज्ञ और गृहस्थ की सोच में अंतर, योगी और मोदी के विजन तथा इस कार्यक्रम में विश्व के अलौकिक ज्ञान को धरातल पर उतारना है। विकास का मॉडल गौ आधारित कृषि व्यवस्था होनी चाहिए। ग्रामोदय से राष्ट्रोदय, गांव का शहरीकरण, हर हाथ को देंगे काम, हर खेत को देंगे पानी का नारा बुलंद करते हुए कहा कि "गांव ही जीवन का आधार है। सबका समाधान गाय है। श्री श्याम बिहारी गुप्ता जी ने कहा कि आज शुद्ध हवा और पानी का संकट बढ़ रहा है। हम 24 घंटे में 21,600 बार श्वास लेते हैं। उन्होंने नारा दिया चलें गांव की ओर, चलें खेत की ओर, चलें गाय की ओर, चलें प्रकृति की ओर... हमें योजना बनानी होगी कि इस कार्यक्रम में कितने लोग पार्टनर होंगे? उत्तर प्रदेश में 7616 गौशाला है। हमारा लक्ष्य वैज्ञानिकों का ज्ञान विज्ञान, उद्यमियों का श्रम तथा इस कार्य में तन, मन, धन लगाना है। हमें विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है। गांव का पैसा गांव में और शहर का पैसा शहर में, देश का पैसा देश में लगना चाहिए, देश का पैसा विदेश में नहीं लगना चाहिए। श्री चंद्रशेखर मिश्र जी ने कहा आज केंद्र सरकार खाद की सब्सिडी पर 5 लाख करोड़ रुपए खर्च कर रही है और लगभग उतनी ही राशि स्वास्थ्य पर खर्च कर रही है। हमें गोबर, गोमूत्र और कचरे से गोबर गैस बनाना है। लगभग 7 हजार महिला स्वयं सहायता समूह, को- ऑपरेटिव सोसाइटी, BHU प्रशासक, शोधार्थी, शिक्षक, छात्र, छात्राओं को जोड़कर DC -NRLM स्कीम के तहत मेमोरेंडम साइन करने हैं। स्वतंत्र पत्रकार, आरटीआई एक्टिविस्ट एवं अमेठी में गौ आधारित कृषि व्यवस्था पर आधारित कार्यक्रम के आयोजनकर्ता गोपाल प्रसाद ने कहा कि काऊ इकोनॉमी हमारे शिक्षा व्यवस्था का अनिवार्य विषय के रूप में शामिल हो। विशेषकर छात्रों एवं युवाओं को गाय की महत्ता बताने हेतु जन जागरुकता हेतु हमने 101 गौ प्रश्नावली तैयार किया है, जिसके आधार पर क्विज कंपीटीशन तथा पारितोषिक वितरण हेतु स्पॉन्सर से आग्रह किया जा सकता है। उपरोक्त संदर्भ में संपूर्ण विषयों को समाहित करते हुए स्मारिका /डायरेक्टरी का प्रकाशन किया जाना चाहिए, जिसके लिए वे अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं। श्री गोपाल प्रसाद खटीक ने अपने मार्गदर्शक एवं मार्गदर्शक डॉ कमल टावरी जी के मिशन एवं विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें इस कार्यक्रम को इस स्तर पर आयोजित करने की आवश्यकता है, जिससे इस आयोजन एवं इस आयोजन में उठाए गए मुद्दों पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में आनेवाले समय में शोध हो और कई शोधार्थी विभिन्न विषयों पर पीएचडी करे। इससे इस कार्यक्रम का उल्लेख इतिहास में स्वर्णाक्षरों में किया जाएगा। निवेदक/प्रस्तोता: गोपाल प्रसाद खटीक (आरटीआई सेवक) दिल्ली/वाराणसी मोबाईल: 7678261884, 9910341785 वॉट्सऐप: 9910341785, 8178949704 Email: sampoornkranti2025@gmail.com Blog: www.sampoorn-kranti.blogspot.com

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