अंकिता हत्याकांड के असली गुनहगार वीआईपी का नाम उजागर करो।

अंकिता हत्याकांड के असली गुनहगार वीआईपी का नाम उजागर करो। अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जाँच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में करो! देहरादून, 8 फरवरी 2026 पिछले कुछ समय से एपस्टीन फाइल ने दुनियां भर से सफेदपोश लोगों के काले और घृणित कारनामों को उजागर कर दिया है। अमेरिका से लेकर भारत तक के शासक वर्ग के प्रतिनिधियों के नाम इसमें हैं। भारत में एपस्टीन फाइल से कम बड़े कांड नहीं। यहाँ निठारी काण्ड से लेकर अंकिता काण्ड के रूप में वनतारा रिजॉर्ट तो मुजफ्फरपुर बालिका संरक्षण गृह से लेकर पलामू संरक्षण गृह, झारखंड तक और ऐसे अनगिनत घृणित कांड यहां हुए हैं। इसमें उच्च अधिकारियों से लेकर राजनेता और धर्म का चोगा पहने लोग शामिल रहे हैं। यहां पर्यटन के नाम पर उत्तराखंड को कथित देवभूमि कहकर अय्याशी के अड्डे में बदल दिया है। उत्तराखंड में जनवरी 2021 से मई 2023 में गुमशुदगी के कुल 3,054 रिपोर्ट हुई और 1132 लड़कियां लापता हुई। इनमें से 2961 महिलाएं और 1042 लड़कियां बरामद हुईं। ये सब केवल रिपोर्ट दर्ज आंकड़े हैं। लगभग 1000 महिलाएं और लड़कियां बरामद नहीं हुई। आखिर इनके साथ क्या हुआ? ये होटल, रिजॉर्ट आदि में किसकी घृणित हवस की शिकार हुई? अंकिता और इसी तरह के कुछ अन्य मामले कहानी खुद बता देते हैं जो इस हकीकत को सामने लाते हैं जो सत्ता में हैं या सत्ता के करीब हैं वही इन अय्याशी के कारनामों को अंजाम देते हैं। शाहजहांपुर का चिन्मयानंद, उन्नाव का कुलदीप सिंह सेंगर, पहलवान खिलाड़ियों के मामले में बृजभूषण शरण सिंह हो या बिल्किस बानो और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे कई कांडों में कौन लोग शामिल है? इसमें शामिल लोग हिंदू राष्ट्र का नारा लगानेवाले संघी भाजपाई ही हैं। कोई कह सकता है कि अन्य पार्टियों में भी ऐसे लोग हैं। हां! मगर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और हिंदू राष्ट्र की बात करते संघी भाजपाई इस काम में सिर से पैर तक सने हुए हैं। स्नूपगेट कांड को अंजाम देनेवाले इसी पार्टी के शीर्ष पर हैं। अंकिता, एक किशोर लड़की थी, जो अपने माता पिता की ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए घर से बाहर की दुनिया में निकली और जिसने आत्मनिर्भर बनने तथा बेहतर उमंग भरे जीवन के ख्वाब बुने थे।उसे नहीं मालूम था कि रोजगार की तलाश में कैसे गलीज, सड़े गले और पतित तत्वों के जाल में वह फंसने वाली है। उसे नहीं मालूम था कि जिन्होंने राम नाम चदरिया ओढ़ी हुई है, वे दिल के कितने काले हैं? और अन्ततः बड़ी उम्मीदों से उसने उस वनतारा रिजॉर्ट में नौकरी हासिल की, जहां उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने की कोशिश की गई और उसके इंकार करने पर उसकी हत्या कर दी गई। रिजॉर्ट का मालिक रात दिन हिंदू राष्ट्र के नारे लगाने वालों के बीच से ही है। सेक्स के रूप में विशेष सेवा की माँग करनेवाले वीआईपी और फिर हत्या को अंजाम देनेवाले भी यही सांस्कृतिक राष्ट्रवादी थे। सामान्य इंसान भी जानता है कि मौके वारदात पर सबूतों से छेड़छाड़ केस को तहकीकात से भटका सकता है, मुजरिमों को बचा सकता है। मगर बुलडोजर चलाकर सबूत नष्ट कर दिए गए। याद रखने की जरूरत है कि साक्ष्य को हर तरह से नष्ट कर देनेवाले भी यही लोग थे, जो रात दिन लव जिहाद, लैंड जिहाद जैसे शब्दों का जहर उगलते हैं। मगर अब अंकिता हत्याकांड और इस पर न्याय की लड़ाई ने इन्हें समाज में नंगा कर दिया है। अंकिता हत्याकांड में असली गुनाहगार भाजपाई वीआईपी को बचाकर और तीन अन्य को सजा होने पर धामी सरकार बेशर्मी से अपनी पीठ थपथपा रही है। हर कोई जानता है कि अंकिता मामले को अपराधी जेल में बंद है, वे जेल में भी ठाठ से रह रहे हैं। अंकिता हत्याकांड बताता है कि आज समाज बेटियों और महिलाओं के लिए किस हद तक भयावह रूप से असुरक्षित हो चुका है। अभी देहरादून के पलटन मार्केट में बर्बर हत्या भी इसी की बानगी है। अब अपनी पीठ थपथपा रही पुलिस ने पहले ही मृतक तड़की की शिकायत को गंभीरता से लिया होता तो वह लड़की शायद आज जिंदा होती। हकीक़त यही है यह समाज हर तरह से सड़ रहा है। इसमें तरह-तरह के भीषण संकट हमारे सामने हैं। अपराध, हिंसा, नफरत, भयावह बेरोज़गारी, भीषण असमानता, युद्ध जैसी स्थिति आदि। ऐसा होने का बुनियादी कारण यही है कि यह पूंजीवादी समाज है। पूरा समाज पूंजी की गिरफ्त में है। यह समाज में हर इंसान को खुदगर्जी, पैसे कमाने की अंधी होड़ में कुछ भी कर गुजरना, मानव तस्करी, हर तरह की मानसिक विकृतियों की ओर धकेल रहा है। इसलिए न्याय की इन तात्कालिक लड़ाइयों को लड़ते हुए अंतिम तौर पर जरूरी है कि इस पूंजी को समाज के नियंत्रण में लाया जाए। समाजवादी समाज कायम किया जाए। जहां इन सभी सामाजिक बीमारियों के लिए कोई जगह नहीं होगी। द्वारा: भूपाल, महासचिव (क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन) मोबाईल: 7900525644 प्रगतिशील महिला एकता केंद्र : 8859595801 इंकलाबी मजदूर केंद्र: 7217570315 समर्थन: जीवन चंद्र उप्रेती, मोबाईल :9452295201 राष्ट्रीय महासचिव, भारत की लोक जिम्मेदार पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष, पर्वतीय महासभा गोपाल प्रसाद खटीक (आरटीआई सेवक) दिल्ली राष्ट्रीय सह संयोजक, भारत गठबंधन संयोजक,वाराणसी को ऑपरेटिव सोसाइटी निर्दलीय प्रत्याशी, अमेठी लोकसभा क्षेत्र 2019 मोबाईल : 7678261884, वॉट्सऐप : 9910341785, 8178949704 Email: sampoornkranti2025@gmail.com Blog: www.sampoorn-kranti.blogspot.com

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