राजनीतिक पार्टी/संगठन की सफलता में शीर्ष नेतृत्व का अपनी विचारधारा के प्रति समर्पण अत्यावश्यक: भारत गठबंधन
भारत गठबंधन के राष्ट्रीय सह संयोजक एवं आरटीआई सेवक गोपाल प्रसाद खटीक ने कहा है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी अथवा सामाजिक संगठन की दीर्घकालिक सफलता का मूल आधार उसकी विचारधारा होती है। विचारधारा केवल घोषणापत्र या भाषणों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह संगठन की आत्मा और मार्गदर्शक सिद्धांत होती है।
यदि पार्टी/संगठन का शीर्ष नेतृत्व अपनी घोषित विचारधारा के प्रति निष्ठावान एवं समर्पित रहता है, तो वही निष्ठा नीचे तक संचारित होकर कार्यकर्ताओं और जनमानस में विश्वास पैदा करती है। समर्पणहीन नेतृत्व संगठन को अवसरवाद, अंतर्विरोध और दिशाहीनता की ओर धकेल देता है।
एक विचारधारा-निष्ठ नेतृत्व—
1. नीतियों और निर्णयों में स्थिरता लाता है।
2. कार्यकर्ताओं को प्रेरणा और मार्गदर्शन देता है।
3. जनता के बीच पार्टी/संगठन की विश्वसनीयता बढ़ाता है।
4. विपरीत परिस्थितियों में भी संगठन को एकजुट और गतिशील बनाए रखता है।
राजनीतिक पार्टी के क्या सिद्धांत होंगे, हम किन मुद्दों को सामने लाकर जनता और मीडिया के आकर्षण का केंद्र बनेंगे, चुनाव जीतने की हमारी रणनीति क्या होगी, हम कैसे प्रत्याशी खड़ा करेंगे, किस तरह हमें समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिले, किस तरह हम वित्त प्रबंधन करेंगे, किस तरह हम अन्य सारे विपक्षियों के बीच अपना एक अलग स्थान बनाएंगे, हम कैसा भारत बनाना चाहते हैं, हमारी नीतियां क्या होंगी, आदि सभी मुद्दों पर विचार विमर्श के बाद हम अपना कार्य आरंभ करेंगे जिसमें शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित हो।
अतः किसी भी राजनीतिक पार्टी अथवा संगठन के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि उसका शीर्ष नेतृत्व केवल सत्ता प्राप्ति तक सीमित न रहकर अपनी विचारधारा और मूल्यों को जीवन्त आचरण में उतारे। यही तत्व संगठन को दीर्घकालिक सफलता और जन-समर्थन की गारंटी प्रदान करता है।
प्रस्तोता :
गोपाल प्रसाद (आरटीआई सेवक)
राष्ट्रीय सह संयोजक, भारत गठबंधन
तिवारी निवास, मकान नंबर-12, गली नंबर-5,
निकट बालकनाथ मंदिर, चंदर विहार,
आई.पी. एक्सटेंशन, नई दिल्ली -110092
मोबाइल: 9910341785, 7678261884
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