पीड़ितों के पक्ष में खड़े होने की जरूरत: गोपाल प्रसाद

पीड़ितों के पक्ष में खड़े होने की जरूरत: गोपाल प्रसाद *किसी भी पुलिस थाने में किसी भी केस के सिलसिले में शिकायती पत्र के ड्राफ्टिंग की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिकायती पत्र की भाषा सरल,सटीक और क्रमानुसार होनी चाहिए एवं उससे स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित मामले में क्या क्या गलत हुआ है। उसी शिकायती पत्र के आधार पर संबंधित SHO/जाँच अधिकारी यह तय करते हैं कि इस केस में किन किन धाराओं के तहत FIR दर्ज किया जाय।* *दिनांक 31 जुलाई 2020 को एक मित्र के आग्रह पर बवासीर के गारंटी के साथ ईलाज का दावा करनेवाली दिल्ली एवं दिल्ली के बाहर अपने नेक्सस के माध्यम से अवैध और अनैतिक स्वास्थ्य व्यापार करनेवाली "जनता पाइल्स क्लीनिक" के विरुद्ध एक पीड़ित परिवार (मूलतः बिहार के समस्तीपुर निवासी) के सहयोग हेतु नरेला पहुंचा और लगभग रात्रि 9बजे DD इंट्री करवाई, जाँच करनेवाले जाँच अधिकारी का नंबर लिया। दिनांक 1अगस्त 2020 को स्थानीय पार्षद सविता खत्री एवं कई महिलाओं और स्थानीय नागरिकों के साथ नरेला थाना जाकर SHO नरेला से मिलकर पूरी बात बताई तथा FIR दर्ज कर कानूनी कारवाई करने का आग्रह किया।* *मैं समस्त जागरूक जनता से अनुरोध करता हूँ कि वे अपने अपने क्षेत्र या संपर्क के दायरे में आनेवाले सभी घटनाओं में पीड़ित पक्ष के साथ खड़े होकर सबसे पहले शिकायत दर्ज करवाने में हरसंभव मदद करें। कोई भी कोशिश,पैरवी, अनुशंसा,मदद तभी प्रभावी हो सकती है जब आप संबंधित मामले में सही तरीके से समय पर संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराएंगे।* *शिकायत दर्ज कराने के बाद सूचना का अधिकार के तहत आवेदन करके संबंधित मामले की स्थिति और कारवाई के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। RTI के आवेदन के बाद संबंधित विभाग द्वारा दी गई जानकारी किसी भी केस में सुबूत की भूमिका निभा सकता है। सच्चाई की जीत के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि RTI आवेदन लगाने से पहले संबंधित विषय को जानना, विभाग के वेबसाईट का अध्ययन कर समझना और उस जानकारी के प्रश्नों के माध्यम से सही भाषा शैली में पूछना अति महत्वपूर्ण है। आवेदन से पूर्व RTI की नियमावली, फॉर्मेट, संबंधित धाराओं के बारे में अवश्य अध्ययन कर लेना चाहिए या किसी जानकार विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।* *शासन प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने एवं पारदर्शिता को बढ़ावा देना आज एक गंभीर चुनौती है। RTI द्वारा इस चुनौती को स्वीकार किया जा सकता है। RTI के माध्यम से जनता को उसके संवैधानिक अधिकार, मौलिक अधिकार और कर्तव्य के प्रति जागरूक करके संपूर्ण क्रांति का आगाज किया जा सकता है। वास्तव में आज RTI ही संपूर्ण क्रांति का नया रूप है। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय से संबंधित विभागों एवं सभी योजनाओं के सभी विषयों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। किसी भी विभाग से जानकारी पाना वर्ष 2005 से ही देश के नागरिक का अब संवैधानिक अधिकार है। आप भी इस अधिकार का अधिकाधिक प्रयोग करें।* *गोपाल प्रसाद(आरटीआई सेवक)* *राष्ट्रीय सह संयोजक/प्रवक्ता भारत गठबंधन* *निर्दलीय लोकसभा प्रत्याशी अमेठी 2019* *Mobile:09910341785, 07678261884* *WhatsApp: 08178949704* *ईमेल : gopalrti7@gmail.com* *sampoornkranti2025@gmail.com*

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