कौन है बेहतरीन नेता? ___गोपाल प्रसाद आरटीआई सेवक
यह आवश्यक नहीं कि विदेशी शिक्षा हासिल करने वाले के पास ही गुण, योग्यता और नेतृत्व क्षमता हो। नेहरू ने तो देश का बंटाधार कर दिया।देश की ज्यादातर समस्याएं कांग्रेस शासन की देन है। नरसिंहाराव जी ने अपनी सरकार को बचाने के लिए सांसदों की खरीद फरोख्त को बढ़ावा दिया था।ऐसे नेता हमारे आदर्श नहीं हो सकते। देश के एक मामूली किसान और मजदूर में भी देश को नेतृत्व देने की क्षमता हो सकती है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी तो विदेशी शिक्षा हासिल की है पर भारत को समझने की क्षमता ही नहीं है। एक अशिक्षित व्यक्ति या कम पढ़े लिखे व्यक्ति में काफी पढ़े लिखे व्यक्ति के बनिस्पत सोच और समझ हो सकता है।
भारत का नेतृत्व करने के लिए भारत के परिप्रेक्ष्य में समस्याओं का समाधान ढूँढना होगा। हमें यह भी देखना पड़ेगा कि ऊँची शिक्षा या विदेशी शिक्षा की डिग्री हासिल करने वाला व्यक्ति देश के गद्दारों और विदेशी शक्तियों का पोषक तो नहीं।पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह तुष्टीकरण की राजनीति करने की राह पर चलनेवाले के सदृश हमारा नेतृत्व कतई न हो। व्यवस्था परिवर्तन और विचारधारा तथा अधिकार के साथ साथ कर्तव्य का अहसास महत्वपूर्ण है।
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