दिल्ली के आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद से संबंधित मुख्य समाचार और जानकारी
1. 1984 सिख दंगों में दोषियों की स्थिति पर RTI खुलासा
दिल्ली के आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद ने दिल्ली पुलिस के एंटी-रॉयट सेल से 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों पर जानकारी मांगी। उनके RTI अनुरोध के अनुसार, 255 मामलों में से सिर्फ 7 मामलों में दोषसिद्धि हुई, जबकि 121 मामलों में 591 आरोपियों को बरी किया गया ।
2. स्पेशल सेल केसों में उच्च बरी प्रक्रिया दर
उन्होंने दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा दर्ज मामलों में बरी दर पर भी RTI के ज़रिए ध्यान आकर्षित किया। स्पेशल सेल द्वारा लगभग 174 व्यक्तियों का चार्जशीट किया गया, जिनमें से 119 आरोपियों को बरी किया गया है—67% से अधिक बरी। मुकदमेबाजी में केवल 31% मामलों में दोषसिद्धि हुई ।
3. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से उद्योगों की जानकारी
Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार, गोपाल प्रसाद ने RTI के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जानकारी मांगी कि कौन-कौन से उद्योग सबसे अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं। इस खुलासे में सामने आया कि देशभर में 911 ऐसे उद्योग हैं, जिनमें से 128 बंद कर दिए गए हैं, और इनमें सबसे ज्यादा—612—उद्योग उत्तर प्रदेश में हैं ।
4. विभिन्न मंत्रालयों में आरक्षित पदों की रिक्त स्थिति
गोपाल प्रसाद ने केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से आरक्षण नीति के आधार पर आरक्षित कोटे के खाली पदों की जानकारी मांगने के लिए भी RTI का उपयोग किया ।
5. ITPO (India Trade Promotion Organization) से देनदारी का खुलासा
गोपाल प्रसाद ने ITPO के लाइसेंसियों द्वारा बकाया राशि से संबंधित जानकारी RTI के ज़रिए प्राप्त की। रिपोर्ट में बताया गया कि ‘क्रिस्टल’ रेस्तरां की देनदारी लगभग ₹59.42 लाख थी, और ‘Occasion’ रेस्तरां की ₹33.26 लाख, साथ ही अवैध निर्माण और अन्य मामलों में जुर्माना भी शामिल था ।
6. RTI एक्ट सुधारों पर सुझाव
एक अन्य रिपोर्ट में गोपाल प्रसाद ने RTI अधिनियम को सरल बनाने, शिकायत प्रक्रिया को स्पष्ट करने और एक समान आवेदन शुल्क लागू करने (रु. 50 अधिकतम) की मांग की—जिससे आम नागरिक के लिए सूचना प्राप्त करना अधिक सुलभ बने ।
7. 2011 दिल्ली यूनिवर्सिटी में हमला
दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज (सत्यवती कॉलेज, आशोक विहार) में RTI आवेदन के दौरान गोपाल प्रसाद सहित तीन लोग पर कथित रूप से हमले किए गए। गोपाल प्रसाद ने आरोप लगाया कि कॉलेज स्टाफ ने उन्हें जबरन रोककर कंप्यूटर तोड़े और बदनाम करने का प्रयास किया—जो 2011 के दशक की घटना है ।
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सारांश तालिका
विषय तथ्य
1984 दंगों के मामले केवल 7 मामलों में दोषसिद्धि—RTI खुलासा द्वारा ज्ञात
स्पेशल सेल केस बरी दर 67% से अधिक आरोपी बरी—दोषसिद्धि दर सिर्फ 31%
प्रदूषणकारी उद्योगों का डेटा 128 बंद, 612 उत्तर प्रदेश में—RTI द्वारा पहचान
आरक्षित पदों की रिक्तता केंद्रीय मंत्रालयों में आरक्षण कोटे में रिक्तियाँ—RTI से पता चला
ITPO देनदारी कुछ रेस्तरां पर लाखों रुपये की बकाया—RTI से खुलासा
RTI सुधार सुझाव आवेदन शुल्क सीमित, प्रक्रिया सरलीकरण के लिए सुझाव
2011 विश्वविद्यालय हमला RTI पूछताछ के दौरान उस समय शारीरिक हमला—गोपाल प्रसाद ऊपर थे
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