राष्ट्र के पुनर्निर्माण में आरटीआई की महत्वपूर्ण भूमिका: आरटीआई सेना
राष्ट्र के पुनर्निर्माण में आरटीआई की महत्वपूर्ण भूमिका: आरटीआई सेना
12 अक्टूबर 2005 को ही आरटीआई एक्ट प्रभाव में आया था। इसीलिए इस तिथि को हमलोग आरटीआई डे अर्थात सूचना का अधिकार दिवस के रूप में मनाते हैं। केंद्र सरकार, राज्य सरकार के साथ- साथ नगर निकाय एवं एनजीओ भी आरटीआई एक्ट के अंतर्गत आते हैं और इनके यहां यह कानून लागू होता है। भ्रष्टाचार से लड़ने में आरटीआई एक्ट उपयोगी हथियार है।सूचना के सिपाही अपनी जन को जोखिम में डालकर भ्रष्टाचार से लड़ रहे हैं व जनहित के कार्य कर रहे हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि आरटीआई कानून हर कोई सीखे और इसका जनहित में उपयोग करे। इसके लिए इस एक्ट की मुख्य धाराएं, शर्तें, सीमा, ड्राफ्टिंग को अवश्य जानना चाहिए। आरटीआई कानून पारदर्शिता व जवाबदेही का कानून है। सूचना लेने में कई दिक्कतें भी हैं। आरटीआई सेना द्वारा डॉक्यूमेंट्री फिल्म, यू ट्यूब वीडियो, आरटीआई एप , फेसबुक पेज के माध्यम से भी सूचना का अधिकार कानून की ट्रेनिंग दी जा रही है। दूरदर्शन के डी डी न्यूज चैनल पर "जानने का हक" कार्यक्रम के माध्यम से आरटीआई से संबंधित खबरों एवं इससे संबंधित कई पहलुओं को जाना और समझा जा सकता है।
दिल्ली के मुखर्जी नगर में कैरियर प्लस संस्थान के कक्ष में सूचना का अधिकार दिवस 12 अक्टूबर को आयोजित कार्यशाला के विषय "नए भारत के निर्माण में आरटीआई की भूमिका पर आरटीआई सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल प्रसाद के मुख्य वक्तव्य के साथ साथ राष्ट्रीय जनता पार्टी के महासचिव चंद्रहास मौर्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक दीपक कपूर, सौरभ चक ने भी संबोधित किया।इस कार्यशाला को सिविल सेवा की तैयारी करानेवाली प्रसिद्ध संस्था कैरियर प्लस, भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर प्रमुख गैरसरकारी संस्था मौलिक भारत, श्रमिकों के अधिकार तथा कर्तव्य के प्रति जागरूक करनेवाली संस्था "लेबर वेलफेयर फाउंडेशन" का उल्लेखनीय योगदान रहा। इस अवसर पर सर्वसम्मति से 11 प्रस्ताव पारित किए गए, जिसे माननीय राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, मुख्य सूचना आयुक्त महोदय को भेजा जाएगा। कार्यशाला में पारित प्रस्ताव:-
#आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश गोलिया की बाड़मेर(राजस्थान) पुलिस की हिरासत में हुई मौत की सीबीआई जांच हो एवं संबंधित पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर अविलंब गिरफ्तारी हो।
#देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मेरे गए आरटीआई कार्यकर्ताओं को हुतात्मा/शहीद का दर्जा मिले और शहीद परिवार को मिलनेवाली ( केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त) योजनाओं से जोड़कर उनके परिवार के सशक्तिकरण की पहल हो।
#गुलामी का अहसास करनेवाली अंग्रेजी हुकूमत का ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट 1923 को खत्म किया जाय क्योंकि यह कानून आरटीआई एक्ट की मूल भावना पारदर्शिता के विपरीत है। राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री जी को इसके लिए पहल करनी चाहिए।
#केंद्र सरकार,राज्य सरकारों के सभी विभागों में आरटीआई एक्ट के सेक्शन-4 को पूर्णतः लागू किया जाए।
#केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों के सभी विभागों में आरटीआई सेक्शन/प्रभाग एवं जनसूचना अधिकारी के नाम, पता, संपर्क नंबर, ईमेल कार्यालय के मुख्य द्वार के बोर्ड पर तथा समस्त पत्राचार में अनिवार्य हो।
#राज्य सूचना आयोग एवं केंद्रीय सूचना आयोग के सभी रिक्त पदों पर अविलंब नियुक्ति हो,जिससे पेंडिंग अपीलों का निस्तारण हो सके।
#सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा 30 दिन की अवधि में सूचना उपलब्ध नहीं कराने हेतु दोषी जनसूचना अधिकारी को प्रथम अपीलीय प्राधिकारी द्वारा भी दंडित किया जाय।
#आरटीआई एक्ट को स्कूली पाठ्यक्रम के साथ साथ उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाय।
#केंद्र सरकार, राज्य सरका, सूचना आयोग को आरटीआई एक्ट 2005 का प्रचार प्रसार करने की जिम्मेवारी तय की जाय। इसके लिए सभी राज्यों के जिलाधिकारियों को न्यूनतम बारह लाख रुपए का बजट तय हो।
#जिन आरटीआई कार्यकर्ता को जान का खतरा हो उनको निःशुल्क सरकारी स्तर पर सुरक्षा प्रदान किया जाय।
# देश के सक्रिय आरटीआई कार्यकर्ताओं,जनसूचना अधिकारियों,प्रथम अपील प्राधिकारियों,राज्य सूचना आयुक्तों, केंद्रीय सूचना आयुक्तों का संयुक्त अधिवेशन का आयोजन प्रतिवर्ष अलग अलग राज्यों में अथवा देश की राजधानी दिल्ली में सरकारी खर्च पर अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए।
# आरटीआई एक्ट कानून की किताबें, आरटीआई एक्ट से संबंधित मामलों पर सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, राज्य सूचना आयोग, केंद्रीय सूचना आयोग के फैसले की पुस्तिका का निःशुल्क वितरण हो।
#इन सभी के क्रियान्वयन होने,जिम्मेवारी तय करने तथा अधिकार के साथ साथ कर्त्तव्य का पालन करके जनहित में सूचना का अधिकार कानून का प्रयोग कर देश के नवनिर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित कर सकते हैं।
प्रस्तोता: गोपाल प्रसाद (आरटीआई सेवक)
लोकसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी अमेठी 2019
राष्ट्रीय सह संयोजक एवं प्रवक्ता,भारत गठबंधन
Mobile: 09910341785, 07678261884
Whatsapp: 08178949704.
ईमेल : gopalrti7@gmail.com
sampoornkranti2025@gmail.com
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