सार्वजनिक धन एवं सरकारी संसाधनों का प्रधानमंत्री द्वारा चुनाव प्रचार हेतु प्रयोग रोकने और स्वतंत्र जांच हेतु निर्देश जारी करने की प्रार्थना
---------- Forwarded message ---------
From: Gopal RTI
Date: Wed, Sep 3, 2025, 10:06 PM
Subject: सार्वजनिक धन एवं सरकारी संसाधनों का प्रधानमंत्री द्वारा चुनाव प्रचार हेतु प्रयोग रोकने और स्वतंत्र जांच हेतु निर्देश जारी करने की प्रार्थना
To:
IN THE HON’BLE SUPREME COURT OF INDIA
(Civil Original Jurisdiction)
Writ Petition (PIL) No. ___ of 2025
Petitioner:
गोपाल प्रसाद , सामाजिक कार्यकर्ता एवं RTI सेवक
Respondents:
1. भारत संघ (Union of India)
2. भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India)
3. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
विषय: सार्वजनिक धन एवं सरकारी संसाधनों का प्रधानमंत्री द्वारा चुनाव प्रचार हेतु प्रयोग रोकने और स्वतंत्र जांच हेतु निर्देश जारी करने की प्रार्थना।
तथ्य:
प्रधानमंत्री द्वारा 2014 से अब तक के अनेक सरकारी दौरों, विज्ञापनों एवं सोशल मीडिया अभियानों में स्पष्ट रूप से दलगत प्रचार किया गया।
इन गतिविधियों पर व्यय सार्वजनिक धन (Consolidated Fund of India) से वहन किया गया
सरकारी मशीनरी का चुनावी उद्देश्य हेतु उपयोग लोकतांत्रिक मर्यादा और संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है।
आधार (Grounds):
1. अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 21 एवं 324 का प्रत्यक्ष उल्लंघन।
2. Balaji v. State of TN (2013): सुप्रीम कोर्ट ने माना कि लोकधन का चुनावी उपयोग रोकना चुनाव आयोग का दायित्व है।
3. Lok Prahari v. Union of India (2018): प्रतिनिधि जनता के सेवक हैं, न कि राजनीतिक दलों के।
4. P. Udaybhanu v. State of Kerala (2000): सार्वजनिक पद पर रहते हुए पक्षपातपूर्ण कार्यवाही पद की शुचिता के विरुद्ध।
5. CIC (2015 निर्णय): प्रधानमंत्री के खर्च, दौरों और उपहारों की सूचना नागरिक का अधिकार है।
6. Election Commission MCC: स्पष्ट रोक कि सरकारी गाड़ियाँ, विमान, भवन, विज्ञापन चुनावी प्रचार हेतु न उपयोग हों।
प्रार्थना (Reliefs Sought):
1. माननीय न्यायालय भारत निर्वाचन आयोग को निर्देश दे कि वह प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा सरकारी संसाधनों के चुनावी उपयोग पर रोक हेतु कड़े दिशानिर्देश जारी करे।
2. एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए जो प्रधानमंत्री कार्यालय के पिछले 5 वर्षों के खर्चों व दौरों की जांच करे।
3. यदि लोकधन का दुरुपयोग पाया जाए तो जिम्मेदार पदाधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
4. ऐसे सभी मामलों में श्वेतपत्र (White Paper) संसद और जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया जाए।
याची (Petitioner):
गोपाल प्रसाद
S/o स्व. वैद्यनाथ प्रसाद
मकान नंबर-12, गली नंबर-5
निकट बालकनाथ मंदिर,
आई.पी.एक्सटेंशन, दिल्ली -110092
मोबाईल नंबर: 9910341785,7678261884
ईमेल: gopalrti7@gmail.com
स्थान : नई दिल्ली
दिनांक : 03.09.2025
2. Balaji v. State of TN (2013): सुप्रीम कोर्ट ने माना कि लोकधन का चुनावी उपयोग रोकना चुनाव आयोग का दायित्व है।
3. Lok Prahari v. Union of India (2018): प्रतिनिधि जनता के सेवक हैं, न कि राजनीतिक दलों के।
4. P. Udaybhanu v. State of Kerala (2000): सार्वजनिक पद पर रहते हुए पक्षपातपूर्ण कार्यवाही पद की शुचिता के विरुद्ध।
5. CIC (2015 निर्णय): प्रधानमंत्री के खर्च, दौरों और उपहारों की सूचना नागरिक का अधिकार है।
6. Election Commission MCC: स्पष्ट रोक कि सरकारी गाड़ियाँ, विमान, भवन, विज्ञापन चुनावी प्रचार हेतु न उपयोग हों।
प्रार्थना (Reliefs Sought):
1. माननीय न्यायालय भारत निर्वाचन आयोग को निर्देश दे कि वह प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा सरकारी संसाधनों के चुनावी उपयोग पर रोक हेतु कड़े दिशानिर्देश जारी करे।
2. एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए जो प्रधानमंत्री कार्यालय के पिछले 5 वर्षों के खर्चों व दौरों की जांच करे।
3. यदि लोकधन का दुरुपयोग पाया जाए तो जिम्मेदार पदाधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
4. ऐसे सभी मामलों में श्वेतपत्र (White Paper) संसद और जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया जाए।
याची (Petitioner):
गोपाल प्रसाद
S/o स्व. वैद्यनाथ प्रसाद
मकान नंबर-12, गली नंबर-5
निकट बालकनाथ मंदिर,
आई.पी.एक्सटेंशन, दिल्ली -110092
मोबाईल नंबर: 9910341785,7678261884
ईमेल: gopalrti7@gmail.com
स्थान : नई दिल्ली
दिनांक : 03.09.2025
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