अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ पर सरकार स्पष्ट करे कि असली नुकसान किसका और फायदा किसका?
संयुक्त राज्य अमेरिका ने रूस से तेल आयात जारी रखने के कारण भारत पर 50% टैरिफ (शुल्क) लागू किया है, जो 27 अगस्त 2025 से प्रभावी हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स (FT, Reuters) के अनुसार यह कदम भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है।
इस संदर्भ में आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद ने कहा कि यदि रूस से सस्ते तेल आयात का वास्तविक लाभ केवल चुनिंदा कॉर्पोरेट समूहों (जैसे अंबानी व अडानी) तक सीमित है, जबकि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का आर्थिक बोझ पूरे देश की जनता को उठाना पड़ रहा है, तो यह गहन जनहित का विषय है।
उन्होंने केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है:
1. रूस से सस्ते तेल आयात से किसे कितना लाभ हुआ है?
2. अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ से भारत को कुल कितना आर्थिक नुकसान हो रहा है?
3. यह आर्थिक बोझ अंततः किस पर डाला जा रहा है – कॉर्पोरेट कंपनियों पर या आम उपभोक्ताओं पर?
जनता को यह जानने का संवैधानिक अधिकार है कि आखिर लाभ कौन उठा रहा है और घाटा कौन भर रहा है।
जारीकर्ता:
[गोपाल प्रसाद खटीक, आरटीआई कार्यकर्ता]
[राष्ट्रीय सह संयोजक, भारत गठबंधन]
[मोबाइल: 9910341785, 7678261884]
[ईमेल: gopalrti7@gmail.com]
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